बागपत। उत्तर प्रदेश सरकार ने आदेश दिया है कि जो व्यक्ति राशन कार्ड के लिए पात्रता नहीं रखता है, वो मई आखिर तक अपना राशन कार्ड सरेंडर कर दे, नहीं तो अब तक जितना राशन लिया है उसकी वसूली की जाएगी। हालांकि सरकार ने इस आदेश को केवल अफवाह व भ्रामक खबर बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया है।
एक आंकलन पर गौर किया जाए तो अभी तक यूपी में 1 लाख 88 हजार राशन कार्ड लोगों ने सरेंडर कर दिए।
सोशल मीडिया की खबरों को माने तो, उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे यूपी में प्रचार कराया है कि जिनके पास कार या एसी है, या इनकम टैक्स दे रहा हो, या फिर जिनके पास 5 एकड़ से ज्यादा जमीन है अथवा 100 वर्ग मीटर का मकान हो, या सरकारी नौकरी में है, ऐसे सभी लोग मुफ्त के राशन के पात्र नहीं हैं! ऐसे लोग मई के अंतिम सप्ताह तक अपना राशन कार्ड सरेंडर कर दें। इसी डर के मारे अभी तक यूपी के हर शहर में कार्ड सरेंडर करने वालों की लंबी लंबी लाइन लगी रही।
राशन कार्ड केंसिल कराने के बाद लोग उम्मीद जता रहे हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना, गैस सब्सिडी,शौचालय योजना,
बच्चो की छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप),आदि तमाम तरह की योजनाओं में आप ने सरकार से जो पैसा या सुविधाएं ली हैं उनको भी वापस करना पड़ सकता है क्योंकि जब आप राशन लेने के लिए पात्र नहीं है तो इन योजनाओं के भी पात्र नहीं रह जाते। सरकार ने जो दिया है वह आपके गले में हाथ डाल कर वापस छीन लेगी।
हमारा सवाल है कि जब वापस ही लेना था तो दिया क्यो? अगर लोगों ने धोखा किया तो आप के अधिकारियों ने भी तो धोखा किया है! उन्होंने भी तो वेरिफाई करने के बाद ही राशन कार्ड जारी किया होगा! तो उन अधिकारियों से रिकवरी क्यों नहीं कर रही सरकार? केवल जनता को ही क्यो बलि का बकरा बनाया जा रहा है? हालांकि प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर फैली इन खबरों को सिरे से नकार दिया है कि सरकार की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नही किया गया है। अब यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि ऊंट किस करवट बैठेगा?


