आईजीआरएस निस्तारण में फिर नंबर-1 मुजफ्फरनगर पुलिस, लगातार सातवीं बार प्रदेश में हासिल किया पहला स्थान

आईजीआरएस निस्तारण में फिर नंबर-1 मुजफ्फरनगर पुलिस, लगातार सातवीं बार प्रदेश में हासिल किया पहला स्थान

मुजफ्फरनगर। जनशिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के मामले में मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक बार फिर प्रदेश स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में मुजफ्फरनगर पुलिस को सितंबर 2026 की रैंकिंग में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है। पुलिस के अनुसार, जिले को लगातार सातवीं बार प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है।

सात माह से लगातार प्रदेश में प्रथम स्थान

उत्तर प्रदेश शासन की ओर से आम लोगों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली आईजीआरएस संचालित की जा रही है। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें संबंधित विभाग और अधिकारियों तक पहुंचाते हैं। शिकायतों के निस्तारण की समयबद्धता, गुणवत्ता और शिकायतकर्ता की संतुष्टि समेत विभिन्न मानकों के आधार पर जिलों की रैंकिंग निर्धारित की जाती है।

मुजफ्फरनगर पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में जिले ने लगातार सात माह तक प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया है। सितंबर माह की रैंकिंग में भी पुलिस ने अपना पहला स्थान बरकरार रखा।

एक भी शिकायत को डिफाल्टर नहीं होने दिया

पुलिस विभाग के अनुसार, आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के दौरान किसी भी प्रार्थना पत्र को निर्धारित समय सीमा के बाद डिफाल्टर की स्थिति में नहीं जाने दिया गया। प्रत्येक शिकायत पर तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई करने के साथ ही निस्तारण की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

शिकायतों की जांच संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा मौके पर जाकर अथवा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की गई। कार्रवाई पूरी होने के बाद निस्तारण की रिपोर्ट आईजीआरएस पोर्टल पर अपलोड की गई। उच्चाधिकारियों की ओर से शिकायतों के निस्तारण की लगातार निगरानी भी की गई।

पुलिस के अनुसार, यह उपलब्धि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक के पर्यवेक्षण और प्रभारी आईजीआरएस ओमप्रकाश सिंह के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों का परिणाम है।

आईजीआरएस शाखा और थानों की अहम भूमिका

जनशिकायतों के निस्तारण में जिला मुख्यालय स्थित आईजीआरएस शाखा के साथ ही सभी थानों में तैनात आईजीआरएस कर्मचारियों और शिकायतों की जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

पुलिस के अनुसार, पोर्टल पर शिकायत प्राप्त होने के बाद उसे संबंधित अधिकारी को भेजा जाता है। इसके बाद मामले की जांच कर निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई पूरी की जाती है। निस्तारण की गुणवत्ता की समीक्षा भी की जाती है, ताकि शिकायतकर्ता को संतोषजनक जवाब और समाधान मिल सके।

21 थानों ने भी प्रदेश में हासिल किया पहला स्थान

मुजफ्फरनगर पुलिस की उपलब्धि के साथ जिले के 21 थानों ने भी आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के मामले में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया है। पुलिस के अनुसार, अगस्त 2026 के दौरान इन थानों ने प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया, जिसके आधार पर उन्हें प्रदेश में पहला स्थान मिला।

यह उपलब्धि केवल जिला स्तर पर पुलिस के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि अलग-अलग थानों के स्तर पर भी शिकायत निस्तारण की बेहतर व्यवस्था का परिणाम सामने आया।

एसएसपी ने पुलिसकर्मियों को दी बधाई

लगातार सातवीं बार प्रदेश में प्रथम स्थान मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने आईजीआरएस शाखा, सभी थानों में तैनात आईजीआरएस कर्मचारियों तथा शिकायतों की जांच और निस्तारण में लगे पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी।

उन्होंने पुलिसकर्मियों से भविष्य में भी इसी तरह पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ जनशिकायतों का निस्तारण करने को कहा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आईजीआरएस रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन का उद्देश्य केवल प्रदेश स्तर पर अच्छी रैंक हासिल करना नहीं है, बल्कि आम लोगों की शिकायतों का समय से समाधान कर उन्हें पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट करना है।

मुजफ्फरनगर पुलिस का कहना है कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों की निगरानी और उनके समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था आगे भी जारी रखी जाएगी।

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