असम के सीएम सात दिन झारखंड में रहे, किन लोगों से मिले और क्या बात हुई, रेकॉर्ड हमारे पास-अविनाश पांडे

कांग्रेस के महासचिव व झारखंड प्रभारी अविनाश पांडे ने भाजपा पर झारखंड सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा झारखंड के विधायकों से सीधा संपंर्क कर रहे हैं। उनके झारखंड दौरे का रेकॉर्ड मौजूद है। समय आने पर इसका भी खुलासा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन तीन विधायकों से रुपया बरामद हुआ है, पार्टी से उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

अविनाश पांडे ने यह बातें रविवार को कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि पिछले 8 सालों में देश में बेरोजगारी, महंगाई, आर्थिक बदहाली, सीमा पर चीन के कार्यकलापों का रेकॉर्ड बना है। इसके बावजूद आज देश में लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। चुनकर आई सरकारों को अब अस्थिर करने का खुला खेल चल रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड की चुनी हुई सरकार को पिछले दो सालों से अस्थिर करने की कोशिश चल रही है। इसके चलते समय-समय पर वहां के विधायकों से संपर्क साध कर उन्हें आतंकित कर या लोभ लालच दिया जा रहा है। असम के मुख्यमंत्री स्वयं विधायकों से सीधा संपर्क कर रहे हैं। केंद्र के मंत्री आतंकित और धमकाने का प्रयत्न कर रहे हैं। पांडे ने कहा कि पिछले सात दिनों से असम के मुख्यमंत्री झारखंड का दौरा कर रहे थे। किन-किन लोगों की उनके साथ क्या बातें हुई, किससे वीडियो कॉफ्रेंसिंग हुई, हर चीज का रेकॉर्ड है। समय आने पर उन सभी चीजों को विस्तार से रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन तीन विधायकों से रुपया बरामद हुआ है, पार्टी से उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
पांडे ने कहा कि भाजपा ने ईडी के दुरुपयोग सेमहाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन किया। ३१ दिन बाद भी वहां का मंत्रीमंडल नहीं बन सका है। अगर मंत्रिमंडल बनता है तो शायद हफ्ताभर भी सरकार नहीं टिक पाएगी।

पांडे ने कहा कि मध्यप्रदेश में चुनकर आई सरकार को अपदस्थ किया गया। छत्तीसगढ़ में पिछले कई महीनों से इनकम टैक्स, ईडी की टीम बैठा रखी है और सरकार को परेशान किया जा रहा है। वहां के विधायकों को आतंकित करने की कोशिश चल रही है। राजस्थान में भाजपा ने एड़ी-चोटी लगा दी। इससे पहले गोवा, कर्नाटक, अरूणाचल प्रदेश, मणिपुर को जनता नहीं भूल सकी है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *