अयोध्या में अशोक सिंघल फाउंडेशन का सेवा शिविर संपन्न, चंपत राय बोले- एक परिवार उठाता है फाउंडेशन का पूरा खर्च

अयोध्या में अशोक सिंघल फाउंडेशन का सेवा शिविर संपन्न, चंपत राय बोले- एक परिवार उठाता है फाउंडेशन का पूरा खर्च

अयोध्या। अशोक सिंघल जी के प्रति आदर और समर्पण रखने वाले जिस परिवार ने यह ट्रस्ट “अशोक सिंघल फाउंडेशन” बनाया है। यहां के समस्त व्यय केवल उसी एक परिवार का दायित्व है। उन्होंने अपने ऊपर यह दायित्व सहज रूप से स्वीकार भी किया है। वह अपने व्यापारिक लाभांश का यहां उपयोग यहां के समस्त व्यय पर करते हैं। यह बात ध्यान रखने की है कि समाज से इसके लिए कोई अतिरिक्त धन एकत्र नहीं किया जाता है। उक्त बातें विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं अशोक सिंहल फाउण्डेशन से न्यासी चम्पत राय ने गुरुवार को कारसेवक पुरम में व्यक्त किए।

उन्होंने अशोक सिंघल के विषय में बताया कि इस वर्ष संयोग ऐसा है कि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 27 सितंबर उनका (अशोक जी का) जन्मदिन है और भारतीय पंचांग के अनुसार इस वर्ष श्राद्ध पक्ष की पंचमी जो आज है उनका जन्मदिन है। इस शिविर का आज समापन नहीं, यह छठवां शिविर है। दिल्ली में एक व्यापारिक परिवार है जो उद्योग चलाते हैं। अशोक जी के प्रति उनकी बड़ी श्रद्धा है। उस परिवार ने ही श्रद्धा रखने के कारण अशोक जी के लिए एक ट्रस्ट बनाया “अशोक सिंघल फाउंडेशन”। अशोक जी की बड़ी जीवनी उन्होंने छापी है, हिंदी और अंग्रेजी में। आज जो एक छोटी पुस्तक भेंट की जा रही है वह भी उन्हीं के द्वारा तैयार की गई है। इस साल उन्होंने अशोक जी के जीवन पर एक 20-25 मिनट की फिल्म भी तैयार की है। काफी स्थलों पर देशभर में वह दिखाई जा रही है। यह साल अशोक जी की जन्म शताब्दी भी है। 1926 में 27 सितंबर को उनका जन्म हुआ था, यह 2026 है। सारे देश में लगभग 1000 स्थानों पर जन्म शताब्दी के आयोजन होने की संभावना है, यानी प्रत्येक जिला केंद्र पर। मैं स्वयं अभी कानपुर कानपुर में उनकी जन्म शताब्दी के कार्यक्रम से आ रहा हूं।

इस अवसर जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य महाराज ने कहा कि निश्चित रूप से अशोक सिंघल जी का योगदान भारतीय संस्कृति और परंपरा के लिए अक्षुण्ण है। एक महापुरुष जो संत के रूप में पूरा जीवन भगवान श्रीराम के मंदिर के लिए और नर सेवा, नारायण सेवा के लिए समय समर्पित कर दिए। सारे भारत के संतों को एक साथ उपस्थित करके वह किसी भी संप्रदाय के हों, उसे काल में यह बहुत बड़ी बात थी कि सारे मत मतान्तर के लोगों को एक मंच पर लाकर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन के लिए लोगों को खड़ा करना। यह अप्रतिम काम यदि किसी ने किया है को श्रद्धेय अशोक सिंघल जी ने किया है। जिस प्रकार से फाउंडेशन को कार्य करना चाहिए वह असक्तजनों को दिव्यांगजनों को उनके चेहरे पर प्रसन्नता लाना, मुझे लगता है इससे बड़ी श्रद्धांजलि अशोक जी के लिए नहीं हो सकती है। मुझे लगता है अशोक सिंघल जी भी इस कार्य से आनंदित होते होंगे।

राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सत्येन्द्र बारी ने कहा कि कृत्रिम अंग लड़ने से केवल पीड़ित व्यक्ति ही नहीं उसका पूरा परिवार, सारे सपने और आत्मविश्वास भी चल पड़ता है।

इस अवसर पर मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, डॉ. राकेश शास्त्री, मंगल भवन के महंत कृपाल राम भूषण दास, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी चंद्रेश त्रिपाठी, पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने शिविर का निरीक्षण किया।

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