अपर आयुक्त प्रथम श्रीमती चैत्रा की अध्यक्षता में रुपए 10 करोड़ से अधिक लागत की परियोजनाएं , रुपए 50 लाख से अधिक लागत के परियोजनाएं तथा माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की प्रगति समीक्षा की गई ।
इस बैठक में मुख्य रूप से संयुक्त विकास आयुक्त, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या, जनपदों के जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी , मुख्य विकास अधिकारियों के प्रतिनिधि के रूप में जनपदों के जिला विकास अधिकारी/ परियोजना निदेशक तथा कार्यदाई संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
बैठक में मुख्य अभियंता ,लोक निर्माण विभाग तथा मुख्य अभियंता विद्युत उपस्थित नहीं थे एवं न ही उनका कोई प्रतिनिधि उपस्थित था जिसके कारण विद्युत विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के परियोजनाओं की प्रगति समीक्षा नहीं की जा सकी, जिसपर रोष व्यक्त किया गया ,साथ ही निर्देश दिए गए कि जो भी अधिकारी बैठक में उपस्थित नहीं हुए हैं उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए ।
निर्देश दिए गए जिन परियोजनाओं में धनराशि का अभाव है ,आयुक्त के तरफ से पत्र भेजा जाए।
साथ ही धनराशि अवमुक्त करने का विशेष प्रयास किया जाए।
जितनी भी योजनाएं पूर्ण हैं उनके स्थानांतरण से पूर्व जनपद में गठित टास्क फोर्स से तकनीकी जांच अवश्य करवा ली जाए ।
निर्माणाधीन परियोजनाओं में यदि आवश्यकता हो तो संशोधित आगणन बनाया जाए जो पूर्व आगणन से 10% से अधिक ना हो।
एनसीआर क्षेत्र में भूमि का अभाव नहीं है, तहसीलदार लगातार अभियान चला रहे हैं एवं भूमि का डेटाबेस उपलब्ध है,प्रयास करके संबंधित क्षेत्र के उप जिलाधिकारी से संपर्क करके भूमि प्राप्त करने का प्रयास किया जाए ।
यदि कोई स्कीम ड्रॉप हो गई है एवं अवशेष कार्य पूर्ण नहीं हो पा रहा है तो अन्य स्रोतों से यह कार्य पूर्ण कराया जाए ।
शिक्षा से संबंधित परियोजनाओं का निर्माण इस प्रकार एक्शन प्लान बना कर कराया जाए ताकि परियोजना का अगले शैक्षिक सत्र से पूर्व निर्माण कार्य पूर्ण हो जाए।
जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य 90% से ऊपर पूर्ण हो गया है एवं उनकी धनराशि अप्राप्त है ,आयुक्त की तरफ से पत्र भेजकर व्यक्तिगत पैरवी करके धनराशि प्राप्त करने का प्रयास किया जाए ताकि परियोजना लोकार्पण की स्थिति में हो सके।
आगामी बैठक से पूर्व 90% से ऊपर वाले परियोजनाओं का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो जाए एवं इन्वेंटरी की पोजीशन में आ जाए।
ऐसी योजनाएं जो बंद हो गई हैं उन्हें सीएसआर /convergence के माध्यम से बजट का व्यवस्था करा कर कार्य पूर्ण कराया जाए ।
यदि किसी योजना में शासन स्तर से संशोधित आगणन भेजने की निर्देश दिए गए हैं तो उसे अनिवार्य रूप से शासन भेज दिया जाए।
यदि कोई परियोजना धनराशि के अभाव में पूर्ण नहीं हो पा रही है तो बड़े उद्यमियों का सहयोग प्राप्त करके कार्य पूर्ण कराने का प्रयास किया जाए।
जनपदों में स्थापित पार्क /जिम /चौराहे आदि को गोद लेने हेतु उद्यमियों को प्रेरित किया जाए।
यह देखने में आ रहा है कि अधिकांश कार्यदाई संस्थाएं जिनकी परियोजना पूर्ण होने की तिथि निर्धारित है उसको परिवर्तित करने का प्रयास करते हैं ,जो किसी भी दशा में मान्य नहीं है ,उन्हीं परियोजनाओं की लक्ष्य तिथि में संशोधन किया जाएगा जब शासन से इस तरह का कोई पत्र प्राप्त हो और वह उसको अवलोकित करने के उपरांत ही पर प्रगति रिपोर्ट में तिथि संशोधित संभव होगा।
