जम्मू-कश्मीर में अब आतंकवादी पिस्तौल पर निर्भर

श्रीनगर। केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी अब अशांति फैलाने के लिए भारी-भरकम स्वचालित राइफल की जगह पिस्तौल जैसे हथियारों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर कर रहे हैं।
अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने कहा कि इस वर्ष अब तक आतंकवादियों से 130 पिस्तौल बरामद की गयीं।
कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने कहा,“ इनमें से 35 को विभिन्न मुठभेड़ों तथा शेष अन्य आतंकवादी समूहों से बरामद किये गये। ”
इस साल बड़े पैमाने पर छोटे हथियारों की जब्ती इस बात का साफ संकेत है कि आतंकवादी अब ‘लक्षित हत्या’ पर अधिक जोर दे रहे हैं, जो पूरे सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती के रूप में उभर रहा है।
इस साल आतंकवादियों ने यहां आठ नागरिकों की लक्षित हत्याएं की हैं तथा दक्षिणी कश्मीर जिले में इसी प्रकार की हमले में दर्जनों गैर-स्थानीय कार्यकर्ता और अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्य घायल हुए हैं।
वरिष्ठ सुरक्षा के अधिकारी ने कहा,“ आतंकवादियों ने लक्षित हमले करने के लिए पिस्तौल का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह सिर्फ स्थानीय आतंकवादियों का पसंदीदा हथियार नहीं है, पिस्तौल विदेशी आतंकवादियों का भी पसंदीदा हथियार है। विभिन्न मुठभेड़ों के दौरान हमने विदेशी आतंकवादियों के पास से पिस्तौलें बरामद की हैं। ”
उन्होंने कहा कि पिस्तौल को छिपाना आसान होता है और आतंकवादी इससे लक्षित हमला करते हैं और उस पर किसी का ध्यान भी नहीं जाता है।
जम्मू कश्मीर पुलिस को सोमवार बड़ी सफलता हाथ लगी, जिसमें पुलिस ने श्रीनगर से 15 पिस्तौल बरामद किए। ये पिस्तौलें सीमापार से तस्करी के जरिए लायी गयीं थी।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल सुरक्षा बलों ने कश्मीर से 167 पिस्तौलें को बरामद किया था।

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