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अंकुर बेधक व तना बेधक कीट के निपटान के उपाय बताए
उप कृषि निदेशक शिव कुमार केसरी ने बताया कि जनपद शामली गन्ना बाहुल्य जनपद है तथा इस समय गन्ना बुवाई का कार्य चल रहा है तथा गन्ना पौधें में पेडी रखने हेतु तैयारी चल रही है।

शामली। उप कृषि निदेशक शिव कुमार केसरी ने बताया कि जनपद शामली गन्ना बाहुल्य जनपद है तथा इस समय गन्ना बुवाई का कार्य चल रहा है तथा गन्ना पौधें में पेडी रखने हेतु तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि इस समय गन्ना पेडी में तना छेदक तथा वसन्त कालीन बोई गई फसल में अंकुर बेधक कीट का प्रकोप होने की सम्भावना है जिसकी रोकथाम हेतु उप कृषि निर्देशक ने किसानों को सलाह दी है। उन्होंने बताया कि अंकुर बेधक कीट गन्ने के कल्लों को प्रभावित करने वाला प्रमुख कीट है। इस कीट का प्रकोप मार्च से जून अधिक होता है इसकी रोकथाम हेतू क्लोरोपायरीफोस 20 प्रतिशत की 1.500ली० मात्रा को 800 लीटर पानी में घोलकर प्रति है० छिड़काव करे अथवा कार्बाेफ्यून 3जी की 20 से 25 कि०ग्रा० मात्रा बुवाई के समय कूंड में डालकर पाटा लगा दें। उन्होंने बताया कि तना बेधक कीट गन्ने के तने छेद कर उसके अन्दर प्रवेश कर जाता है तथा पोरी के अन्दर गुदा जाता है जिसके कारण उपज व चीनी के परते में कमी आ जाती है। इसकी रोकथम हेतू एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन के अन्तंगत ट्राइकोग्रामा कार्ड 10 कार्ड प्रति हैैक्टेयर की दर से 15 दिन के अन्तराल पर सायंकाल प्रयोग करना चाहिये अथवा क्लोरोपायरीफोस 20 प्रतिशत की 1.500 ली० मात्रा को 800 ली० पानी में घोलकर प्रति है० छिड़काव करें या कार्बाेफ्यूरान 3जी की 30 कि०ग्रा० मात्रा का प्रति है0 की दर से बुरकाव कर सिचाई करें।

