शामली (सिद्धार्थ भारद्वाज)। शहर की पंजाबी कालोनी स्थित श्री रघुनाथ मंदिर के वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन भजन प्रवचनों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पधारे साधु संतों ने बुराईयों को त्यागकर अच्छाई को अपनाने अपने धर्म की रक्षा करने के लिए जागरूक होने पर बल दिया। जानकारी के अनुसार शहर की पंजाबी कालोनी स्थित श्री रघुनाथ मंदिर के वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन रविवार को भजन व प्रवचनों का आयोजन किया गया। वार्षिकोत्सव में आए साधु संतों व संगीतकारों ने अपने-अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज केा सही दिशा दिखाने के लिए जागरूक किया। वक्ताओं ने कहा कि अपने धर्म की रक्षा करो, जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। मंदिरों में होने वाले सम्मेलन हमें शिक्षित करते हैं। उन्होंने आहवान किया कि वे बुराईयों को छोडकर जीवन में अच्छाई को अपनाओ, अंधकार से प्रकाश की ओर बढे चलो। अपनों से बडे व माता पिता का हमेशा सम्मान करो, क्योंकि माता पिता की सेवा करना ही भगवान की पूजा के समान है। इस अवसर पर पं. दिनेश पाठक ने भजनों के माध्यम से कहा कि बडों के आशीर्वाद से विद्या, यश, बल की प्राप्ति होती है इसलिए बडों का सम्मान अवश्य करना चाहिए। निशांत भागवत पाठक व रवि पाठक ने श्रीराम मेरे प्यारे तकदीर को बदल दो, माथे पे जो लिखा है उस लकीर को बदल दो, भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में मौजूद स्वामी रामदेव जी महाराज, बालकृष्ण महाराज, साध्वी प्रभामुनी ने भजन प्रस्तुत कर समाज को एक मनव जाति को प्यार से रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मौके पर संजीव बाधवा, कपिल पाठक, चेतन सेठी, गौरव, सुनील टम्मी, प्रवीण अरोरा, राजन बत्रा, अशोक ठकराल, सुभाष चुग आदि भी मौजूद रहे।
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धर्म की रक्षा के लिए जागरूक होने पर बल,बुराईयों को त्यागकर अच्छाईयों को अपनाएं
शामली (सिद्धार्थ भारद्वाज)। शहर की पंजाबी कालोनी स्थित श्री रघुनाथ मंदिर के वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन भजन प्रवचनों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पधारे साधु संतों ने बुराईयों को त्यागकर अच्छाई को अपनाने अपने धर्म की रक्षा करने के लिए जागरूक होने पर बल दिया। जानकारी के अनुसार शहर की पंजाबी कालोनी स्थित श्री रघुनाथ मंदिर के वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन रविवार को भजन व प्रवचनों का आयोजन किया गया। वार्षिकोत्सव में आए साधु संतों व संगीतकारों ने अपने-अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज केा सही दिशा दिखाने के लिए जागरूक किया। वक्ताओं ने कहा कि अपने धर्म की रक्षा करो, जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। मंदिरों में होने वाले सम्मेलन हमें शिक्षित करते हैं। उन्होंने आहवान किया कि वे बुराईयों को छोडकर जीवन में अच्छाई को अपनाओ, अंधकार से प्रकाश की ओर बढे चलो। अपनों से बडे व माता पिता का हमेशा सम्मान करो, क्योंकि माता पिता की सेवा करना ही भगवान की पूजा के समान है। इस अवसर पर पं. दिनेश पाठक ने भजनों के माध्यम से कहा कि बडों के आशीर्वाद से विद्या, यश, बल की प्राप्ति होती है इसलिए बडों का सम्मान अवश्य करना चाहिए। निशांत भागवत पाठक व रवि पाठक ने श्रीराम मेरे प्यारे तकदीर को बदल दो, माथे पे जो लिखा है उस लकीर को बदल दो, भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में मौजूद स्वामी रामदेव जी महाराज, बालकृष्ण महाराज, साध्वी प्रभामुनी ने भजन प्रस्तुत कर समाज को एक मनव जाति को प्यार से रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मौके पर संजीव बाधवा, कपिल पाठक, चेतन सेठी, गौरव, सुनील टम्मी, प्रवीण अरोरा, राजन बत्रा, अशोक ठकराल, सुभाष चुग आदि भी मौजूद रहे।