दिल्ली, अन्य राज्यों में संप्रदायिक हिंसा मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं

दिल्ली, अन्य राज्यों में संप्रदायिक हिंसा मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं

नयी दिल्ली (वार्ता) राजधानी दिल्ली के जहांगीरपुरी सहित देश के अन्य हिस्सों में रामनवमी और हनुमान जयंती के अवसर पर सांप्रदायिक झड़पों के मामले में जांच के लिए उचित निर्देश देने की मांग संबंधी दो याचिकाएं उच्चतम न्यायालय के समक्ष दायर की गई हैं।अधिवक्ता विनीत जिंदल ने जनहित याचिका दायर कर की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा जांच का निर्देश देने की गुहार लगाई है।ठाणे के वकील अमृतपाल सिंह खालसा ने मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमना के समक्ष एक पत्र याचिका दायर की है, जिसमें शीर्ष अदालत के मौजूदा न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति गठित जहांगीरपुरी दंगा की निष्पक्ष जांच करवाने की गुहार लगाई गई है।
श्री जिंदल ने अपनी याचिका में कहा है त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं पर फायरिंग, पथराव, वाहनों में तोड़फोड़ और सांप्रदायिक तनाव पैदा करना देश की संप्रभुता के लिए खतरा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए अपनी याचिका में आशंका व्यक्त करते हुए कहा है कि सात अलग-अलग राज्यों में हाल की कई गंभीर घटनाएं गंभीर हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि हाल की घटनाओं से पता चलता है कि देशभर में हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए आईएसआईएस और अन्य राष्ट्र-विरोधी अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के के साथ आतंकी फंडिंग की संलिप्तता है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि 16 अप्रैल को जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती अवसर पर तथा उससे पहले राजस्थान, गुजरात, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में शांतिपूर्ण शोभा यात्रा तथा अन्य कार्यक्रमों के दौरान झड़पें हुईं। इस दौरान श्रद्धालुओं का हमले किए गए थे।
श्री खालसा ने जहांगीरपुरी दंगों का स्वत: संज्ञान लेने के लिए मुख्य न्यायाधीश से गुहार लगाई है। उन्होंने अपनी पत्र याचिका में आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली पुलिस की अब तक की जांच आंशिक तथा सांप्रदायिक रही है। यह रवैया दंगों की तैयारी करने वालों को सीधे तौर पर बचा रही है।श्री खालसा ने अपनी याचिका में कहा “2020 के दंगों में दिल्ली पुलिस की भूमिका ने अपने प्रति लोगों के विश्वास को कमजोर कर दिया है। इस पत्र के साथ मैं आपसे अपील करता हूं कि आप अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करें, जिससे इस अदालत के मौजूदा न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाए, जो जहांगीरपुरी दंगों की निष्पक्ष जांच करे।”

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *