राज्य

कोरोना की तीनों लहरों से वे ही बचे रहे, जिन्होंने नहीं छोड़ा मास्क लगाना और अपनाई सामाजिक दूरी

गुडग़ांव (अशोक): देश की राजधानी दिल्ली से लगते गुरुग्राम में
कोरोना संक्रमितों की संख्या में दिन-प्रतिदिन वृद्धि दिखाई दे रही है।
दिल्ली में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। गुडग़ांव में
प्रदेश के अन्य जिलों की अपेक्षा सबसे अधिक कोरोना संक्रमित मिलने शुरु
हो गए हैं। जबकि कई जिलों में कोरोना संक्रमितों की संख्या शून्य ही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में जानकारी रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि
जिन्होंने मास्क नहीं छोड़ा वे कोरोना की तीनों लहरों से बचे रहे। ऐसे
लोगों ने सामाजिक दूरी भी बनाई रखी और वे नियमों का पालन भी करते रहे।
कोरोना से बचाव का मास्क व सामाजिक दूरी ही सबसे बड़ा उपाय है। कोरोना
काल से लेकर अब तक जिन लोगों ने इन तरीकों को भली-भांति अपनाया है, वे
कोरोना की तीनों लहरों से बचे रहे। गुडग़ांव व अन्य स्थानों पर जो कोरोना
संक्रमित फिर से बढऩे लगे हैं उनका यही कारण है कि लोगों ने मास्क व
सामाजिक दूरी को अपनाना या पालन करना बंद कर दिया है। जबकि केंद्र व
प्रदेश सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग लोगों से बार-बार आग्रह करता आ रहा है
कि वे कोरोना से बचाव के लिए जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
लेकिन लापरवाह लोग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। तभी तो कोरोना
संक्रमितों की संख्या में वृद्धि होनी शुरु हो गई है। हालांकि केंद्र व
प्रदेश सरकारों ने कोरोना से बचाव के लिए जारी सभी प्रतिबंधों को हटा
लिया था। जिसमें मास्क लगाना भी शामिल है। अब कोरोना के बढ़ते मामलों को
देखते हुए प्रदेश सरकार को फेस मास्क लगाने व सामाजिक दूरी बनाए रखने के
लिए फिर से प्रयास करने होंगे। अन्यथा कोरोना संक्रमित बढ़ते ही जाएंगे।
प्रदेश सरकार के पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डा. पंकज वत्स का कहना है कि
कोरोना संक्रमण से फेस मास्क लगाकर व सामाजिक दूरी बनाकर ही बचा जा सकता
है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचा जाए और सार्वजनिक
कार्यक्रमों में भी फेस मास्क लगाकर शामिल हुआ जाए तो अधिक बेहतर होगा।
अन्यथा कोरोना महामारी कब किसको अपनी चपेट में ले ले नहीं कहा जा सकता।
उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को भी कोरोना जांच बढ़ा देनी चाहिए।
हालांकि विभाग इसको लेकर पहले से ही सतर्क है। लेकिन फिर भी कोरोना जांच
की व्यवस्था पूर्व की भांति विभिन्न क्षेत्रों में की जाए तो बेहतर होगा।
उनका कहना है कि लापरवाह लोगों को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए कि वे अपनी
जान के साथ-साथ दूसरों की जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। उन्हें ऐसा
नहीं करना चाहिए। डा. वत्स भी मानते हैं कि पिछले 2 साल में आए कोरोना
महामारी की तीनों लहरों के दौरान जिन्होंने मास्क पहना और सामाजिक दूरी
का पालन किया उन्हें कोरोना संक्रमण प्रभावित नहीं कर सका। यदि लोग आज भी
इसका पालन करना शुरु कर दें तो उन्हें नए वैरियंट से बचाव मिल सकेगा।
अन्यथा पूर्व की भांति परेशानियों का सामना लोगों को करना ही पड़ेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button