इंदौर। महाकाल लोक का लोकार्पण 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने जा रहे हैं। भक्तों को मिलने वाली बड़ी सौगात का सीधा प्रसारण मध्यप्रदेश के हजारों मंदिरों में होगा। इसमें इंदौर जिले के भी करीब 100 मंदिर शामिल हैं। शहर में 30 स्थान तो हर तहसील में 10-10 का लक्ष्य रखा है जिस पर तेजी से काम चल रहा है।

750 करोड़ रुपए की लागत से महाकाल मंदिर में अद्भुत कॉरिडोर का निर्माण किया गया है जिसका लोकार्पण करने 11 अक्टूबर को महादेव भक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। उनके आगमन को देखते हुए तैयारियां पूरे शबाब पर चल रही हैं जितना सतर्क उज्जैन का जिला प्रशासन है उतना है इंदौर भी सक्रिय है। 11 सितंबर को मोदी शाम 4.45 बजे इंदौर आएंगे और प्लेन से उतरकर वे हेलिकॉप्टर से उज्जैन रवाना होगे। करीब 6 बजे वे महाकाल मंदिर पहुंचेंगे। लोकार्पण के बाद कॉरिडोर को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा विश्वनाथ मंदिर पर बने कॉरिडोर का लोकार्पण किया था। उससे भी भव्य आयोजन करने की तैयारी की जा रही है।
लोकार्पण का कार्यक्रम पूरे मध्यप्रदेश में लाइव चलेगा। इसको लेकर इंदौर में भी जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। शहर में करीब 30 मंदिरों का चयन किया गया है जिसमें सरकारी व निजी भी शामिल हैं। मंदिरों में एलईडी लगाई जाएगी जिसके माध्यम से श्रद्धालु लाइव आयोजन को देखेंगे। इसके अलावा प्रत्येक तहसील पर दस-दस मंदिरों का चयन किया गया जहां पर एलइडी लगाई जाएगी। एलइडी के जरिए लाइव देखने का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग मौके पर पहुंचे। बकायदा बैठने की व्यवस्था जुटाई जाएगी जिसकी चिंता तहसीलदार और उनसे नीचे के स्तर के अधिकारी जुटाएंगे। इसके अलावा सभी मंदिरों में साफ-सफाई का आयोजन भी रखा है।
दर्शन करने जाएगे श्रद्धालु
लाइव दिखाने के अलावा प्रयास ये है कि ज्यादा से ज्यादा की संख्या में श्रद्धालु उज्जैन जाएं ताकि महाकाल कॉरिडोर के लोकार्पण के वे साक्षी बनें। इसको लेकर प्रशासनिक तंत्र विभिन्न माध्यमों से प्रयास कर रहा है कि स्वयं प्रेरणा से लोग कार्यक्रम में पहुंचे। प्रत्येक पंचायत से दस लोगों को भेजने की योजना है ताकि तीन हजार से अधिक लोग ग्रामीण क्षेत्र से पहुंचे। शहर का आंकड़ा पांच हजार का रखा गया है। इसके अलावा भाजपा भी अपने संगठन के माध्यम से कार्यकर्ताओं को भेजने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा महाकाल भत मंडलों से भी आग्रह किया जा रहा है कि वे आयोजन में जरूर जाएं।
लाइव दिखाने के अलावा प्रयास ये है कि ज्यादा से ज्यादा की संख्या में श्रद्धालु उज्जैन जाएं ताकि महाकाल कॉरिडोर के लोकार्पण के वे साक्षी बनें। इसको लेकर प्रशासनिक तंत्र विभिन्न माध्यमों से प्रयास कर रहा है कि स्वयं प्रेरणा से लोग कार्यक्रम में पहुंचे। प्रत्येक पंचायत से दस लोगों को भेजने की योजना है ताकि तीन हजार से अधिक लोग ग्रामीण क्षेत्र से पहुंचे। शहर का आंकड़ा पांच हजार का रखा गया है। इसके अलावा भाजपा भी अपने संगठन के माध्यम से कार्यकर्ताओं को भेजने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा महाकाल भत मंडलों से भी आग्रह किया जा रहा है कि वे आयोजन में जरूर जाएं।