मवाना। नारी शक्ति को समर्पित पटल काव्य ब्रह्मास्त्र के तत्वाधान में शक्ति उपासना समारोह व विराट कवयित्री सम्मेलन का आयोजन बाल भारती पब्लिक स्कूल मवाना में किया गया। जिसका संयोजन व संचालन कुमार मुनीश अक्स ने किया तथा स्वागत अध्यक्ष समाजसेवी अभय गर्ग रहे।

दीप प्रज्ज्वलन प्राचार्या एल डी गर्ल्स कॉलेज डॉ शक्ति साहनी,वरिष्ठ भाजपा नेत्री श्रीमती सुधा चौहान व आरुषि मित्तल ने किया।

कार्यक्रम अध्यक्ष समाजसेवी श्रीराम मलिक,मुख्य अतिथि प्रबंधक ए एस पी जी कॉलेज दीपक राजवंशी तथा विशिष्ठ अतिथि भाजपा नेता अशोक चौधरी,ए बी वी पी प्रांत प्रमुख अजीत शर्मा,भाजपा नेता सुभाष दीक्षित,डॉ अजयवीर गर्ग,डॉ धर्मपाल सिंह,डॉ राहुल विधुरी,संजय मेहता रहे।
मऊ की अन्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ओज कवयित्री प्रियंका राय ॐ नन्दनी ने नारी शक्ति को समर्पित ओज से ओत प्रोत गीत पढ़ा:-
शकुंतला ने भरत जना फिर भारत देश महान हुआ
तारा ने जब आँचल फाड़ा द्रवित पूरा शमशान हुआ
जिद पर जब आ जाऊँ तो यमराज पे भारी हूँ
हाँ मैं नारी हूँ…हाँ मैं नारी हूँ
चित्रकूट की सुप्रसिद्ध कवयित्री शशि पाण्डेय ने पढ़ा:-
आंखें बंद करने से अंधेरा नहीं होता
दिया जला देने से सवेरा नहीं होता
सपनों में नहीं हकीकत में जागा करो
धृतराष्ट्र बन रहने से बसेरा नहीं होता
दिल्ली की सुप्रसिद्ध कवयित्री दीपा गुप्ता ‘दिशा’ ने पढ़ा:-
पिरोती हूं मैं भावों को प्रेम का सार लिखती हूं,
कल्पना की स्याही से हृदय उदगार लिखती हूं,
करूं मैं ईश का वंदन लिखूं मैं देश का गौरव,
न समझो तुम कि मैं केवल सरस श्रृंगार लिखती हूं
दिल्ली की सुप्रसिद्ध कवयित्री रजनी श्रीवास्तव ने पढ़ा:-
अलग अंदाज़ है मेरा अलग है अहमियत मेरी
धड़कता है वतन दिल में यही है खासियत मेरी
नहीं मैं चूकती गद्दार को गद्दार कहने से
खटकती हूँ मैं दुश्मन को यही है शख्सियत मेरी
सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ(प्रोफेसर,माछरा डिग्री कॉलेज) क्षमा गुप्ता ने पढ़ा:-
सँग खुशियों का कारवां हो जरूरी तो नही
वक्त भी सब पे मेहरबां हो जरूरी तो नहीं
प्रेमान्ध हो कर घर से भाग जाने वाली बेटियों पर कुमार मुनीश अक्स ने पढ़ा:-
नाक माँ बाप की ना कटाना बेटियों
घर की दहलीज लांघ के ना जाना बेटियों
मारे शर्म के माँ बाप मर जाते हैं
साथ देगा कभी ना जमाना बेटियों
कार्यक्रम में मनोज प्रकाश गोयल,रवि गोला,महेश आर्य,अजय राजवंशी,डॉ पी पी सिंह,मुकेश शर्मा आदि गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।