बिहार की एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हरजोत कौर भामरा छात्रा के सवाल पर इतना भड़क गई कि विवादित बयान दे दिया। सोशल मीडिया पर IAS हरजोत कौर का वीडियो काफी वायरल हो रहा है। बिहार महिला एवं बाल विकास निगम की प्रमुख हरजोत कौर एक कार्यक्रम में आई थीं जहां छात्राएं भी मौजूद थीं। इस दौरान एक स्कूली छात्रा ने उनसे पूछा कि क्या सरकार 20-30 रुपये का सेनेटरी पैड नहीं दे सकती? लड़की के इस वाजिब से सवाल पर महिला अधिकारी ने इतनी सख्त प्रतिक्रिया दी कि विवादित बयान दे दिया। हरजोत कौर भामरा की टिप्पणी पर लोग काफी आपत्ति जता रहे हैं।

क्या है पूरा मामला
‘सशक्त बेटी, समृद्ध बिहार: टुवर्ड्स एन्हान्सिंग द वैल्यू ऑफ गर्ल चाइल्ड’ विषय पर एक वर्कशॉप में एक स्कूली छात्रा सवाल करती है कि ‘हर कुछ के लिए तो सरकार देती ही है, जैसे कि पोशाक का, छात्रवृति… तो क्या सरकार हमें 20-30 रुपए का व्हिस्पर (सैनिटरी पैड) नहीं दे सकते हैं?’ छात्रा के इस सवाल पर वहां मौजूद 9वीं और 10वीं क्लास की लड़कियों ने ताली बजाई लेकिन महिला अधिकारी भड़क गईं।

महिला ने कहा कि ‘अच्छा ये जो तालियां भी बजा रहे हैं, इस मांग का कोई अंत है। आज 20-30 रुपये का व्हिस्पर मांग रहे हो, कल को कहोगे जींस-पैंट भी दे सकते हैं, परसों सुंदर जूते क्यों नहीं दे सकते हैं और अंत में जब परिवार नियोजन की बात आएगी तो निरोध (कंडोम) भी मुफ्त में भी देना पड़ेगा, सब कुछ मुफ्त में लेने की आदत क्यों है?’ इस पर छात्रा कहती है कि ‘नहीं मैम, लेकिन जो सरकार के हित में है, जो सरकार को देना चाहिए…’ हालांकि लड़की बात को बीच में काटते हुए महिला अधिकारी ने कहा कि ‘सरकार से कुछ भी लेने की जरूरत क्यों है? यह सोचने का तरीका गलत है।’
तो मत करो वोट
आईएएस के जवाब को सुनकर छात्रा ने कहा कि देश में सरकार तो लोगों के वोटों से ही बनती है. इस पर भामरा ने पलटवार करते हुए इसे ‘मूर्खता’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘यह मूर्खता की पराकाष्ठा है. फिर वोट मत करो/ जाओ पाकिस्तान… क्या आप पैसे और सेवाओं के लिए वोट करते हैं?’ इस पर लड़की तुरंत बोलती हैं, ‘मैं पाकिस्तान क्यों जाऊं? मैं हिन्दुस्तानी हूं।’ हालांकि महिला अधिकारी की विवादित दलीलें यहीं खत्म नहीं नहीं हुईं। कार्यक्रम में मौजूद एक अन्य छात्रा ने जब उनको अपने स्कूल में लड़कियों के शौचालय की जर्जर स्थिति के बारे में बताया और कैसे लड़के भी शौचालय में घुस जाया करते हैं, शौचालय न जाना पड़े, इसलिए कम पानी पीते हैं.’ तो इस पर भामरा कहती हैं, ‘क्या आप सभी के घर में अलग-अलग शौचालय हैं? अगर आप अलग-अलग जगहों पर कई सारी चीजें मांगते रहेंगे तो यह कैसे काम चलेगा?’
इस बीच, एक दर्शक सदस्य ने हस्तक्षेप करते हुए भामरा से पूछा कि तब सरकारी योजनाएं क्यों मौजूद हैं, इस पर उन्होंने कहा, ‘सोच बदलने की जरूरत है।’ कार्यक्रम के आखिर में भामरा ने छात्राओं से कहा कि ‘आपको यह तय करने की जरूरत है कि आप भविष्य में खुद को कहां देखना चाहती हैं। सरकार आपके लिए यह नहीं कर सकती। क्या आप वहीं बैठना चाहते हैं, या वहां बैठना चाहते हैं जिस पर मैं बैठी हूं? यह आप लोगों पर निर्भर है।
