ईरान में हिजाब पर सवाल और उस पर बवाल का दौर जारी है। हिजाब के खिलाफ विरोध का ऑनलाइन सिंबल बनी 20 साल की लड़की हदीस नजाफी को ईरान की पुलिस ने मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि हदीस नफाजी को तेहरान के नजदीक कराज सिटी में प्रदर्शन के दौरान गोली मारी गई…सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके वीडियो में कहा जा रहा है कि उसे छह गोलियां मारी गईं। भूरे बालों वाली हदीस का एक वीडियो खूब वायरल हुआ था। इसमें वह एक प्रदर्शन के दौरान बिना हिजाब के पुलिसकर्मियों के सामने पहुंच गई थीं। इसके बाद वह रबर बैंड से अपने बालों को बांध रही थीं।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ईरान में हिजाब न पहनने के चलते माशा अमीनी को पीटा गया था। इसके बाद उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद से ही ईरान में हिजाब के खिलाफ महिलाएं बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे ही एक प्रदर्शन के दौरान नफाजी अपने खुले बालों के साथ पुलिस के सामने पहुंच गई थीं। उनकी यह वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो गई थी। इसके बाद से ही वह हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन की ऑनलाइन सिंबल बन गई थी।
हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन
बता दें कि ईरान में सभी महिलाओं के लिए हिजाब पहनना अनिवार्य है, चाहे वह किसी भी धर्म की हों। हिजाब भी इस तरह से पहनना जरूरी है कि उनका एक भी बाल नहीं दिखे। इसके चलते ही ईरान की पुलिस वहां पर महिलाओं के खिलाफ सख्ती कर रही है। पुलिस की सख्ती के चलते अमीनी को अपनी जान गंवानी पड़ी, अमीनी की गलती यही थी कि उन्होंने अपना हिजाब ठीक से नहीं पहन रखा था। अमीनी की गिरफ्तारी और फिर मौत के बाद जहां पूरे ईरान में हिजाब के खिलाफ जमकर प्रदर्शन हो रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग ईरान की सड़कों पर विरोध कर रहे हैं। इसमें महिलाओं की संख्या भी काफी ज्यादा है। वहीं दूसरी तरफ पूरी दुनिया में भी उसकी किरकिरी भी हो रही है।
इस बीच शनिवार को सरकारी मीडिया में राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी का एक बयान जारी हुआ है। इसमें उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और शांति से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ निर्णायक तरीके से कार्रवाई होगी। वहीं ईरान में हिजाब के खिलाफ के प्रदर्शनों को बहुत ही क्रूरतापूर्वक कुचला जा रहा है। यहां तक कि प्रदर्शनकारियों के ऊपर पुलिस गोली बरसाने से भी बाज नहीं आ रही है। एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक 21 सितंबर की रात को ही तीन बच्चों समेत 21 लो मार गए। वहीं ईरान के सरकारी टीवी के मुताबिक इस दौरान अब तक कुल 41 से अधिक लोगों की इन विरोध प्रदर्शनों की मौत हो चुकी है।
