बनास के बहते पानी की बदलने लगी आबो हवा, रंग होने लगा काला, देने लगा बदबू

राजमहल। बनास नदी के पानी को इन दिनों गंदगी का ग्रहण लगने लगा है। पिछले दो दिनों से बनास में बहता पानी बदबू देने के साथ ही काले रंग में आने लगा है। बांध से बनास नदी में इन दिनों जारी पानी की निकासी को लगातार 21 दिन गुजर चुके हैं। बनास नदी के पानी की बदली सूरत बुधवार से नजर आने लगी है।

बांध से पानी की निकासी के दौरान पानी का रंग काला व बदबूदार आ रहा है] जिससे बांध परियोजना व ग्रामीण भी आश्चर्यचकित है। इधर, बांध परियोजना के सहायक अभियंता प्रतीक चौधरी ने बताया कि पानी का रंग कालापन लिए व बदबू देने का मामला बुधवार से ही सामने आया है, जिसको लेकर त्रिवेणी तक तो ऐसी कोई गंदगी व अपशिष्ट पानी में मिलने की जानकारी नहीं है। वहीं उससे आगे भीलवाड़ा आदि शहर के निकट की जानकारी करनी पड़ेगी।
पेयजल का मुख्य स्त्रोत: बीसलपुर बांध राज्य की राजधानी के साथ ही अजमेर ,ब्यावर, किशनगढ़ ,दौसा, टोंक , सवाईमाधोपुर आदि जिलों में पूर्णतया व आंशिक रूप से पेयजल का मुख्य स्रोत है। बीसलपुर बांध से करीब एक करोड़ की आबादी लाभान्वित होती है जिसमें पेयजल व ङ्क्षसचाई भी शामिल हैं। ऐसे में बनास नदी का पानी अगर दूषित होने लगा तो लाखों लोगों के कंठो पर कुठाराघात होगा।
दो मेट को ब्लैक लिस्टेड किया
पीपलू. मनरेगा योजनान्तर्गत ग्राम पंचायत चौगाई में कार्य के प्रति लापरवाही बरतने के कारण दो मेट को ब्लैक लिस्टेड किया गया है। पंचायत समिति के विकास अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी ईजीएस नरेन्द्रकुमार जैन ने बताया कि 16 अगस्त से 30 अगस्त में प्रगतिरत कार्य ग्रेवल सडक़ निर्माण कार्य चौगाई से सोन्दीफल तक पर नियोजित मेट मुकेश बलाई, किरण बलाई द्वारा समय पर एनएमएमएस से श्रमिकों की उपस्थिति नहीं की गई। इसके कारण श्रमिकों का भुगतान में देरी हुई है। इसके चलते मुकेश बलाई एवं किरण बलाई को लापरवाही बरतने के कारण ब्लैक लिस्टेड किया है।

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