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गिरफ्तार मौलवी कई चेतावनियों के बावजूद युवाओं को भड़काते रहे: एडीजीपी कश्मीर

(एडीजीपी) विजय कुमार ने उत्तरी कश्मीर के बारामूला में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे पास पर्याप्त सबूत थे और इसीलिए हमने उन्हें कई बार बुलाकर आगाह किया तथा समझाने की कोशिश की कि वे युवाओं, लोगों को न भड़काएं। जब वे नहीं रुके तो उन पर पीएसए के तहत मामला दर्ज किया गया।’’

कश्मीर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) विजय कुमार ने रविवार को कहा कि कड़े लोक सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत गिरफ्तार मौलवी कई चेतावनियों के बावजूद युवाओं को भड़काते रहे। कुमार ने उत्तरी कश्मीर के बारामूला में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे पास पर्याप्त सबूत थे और इसीलिए हमने उन्हें कई बार बुलाकर आगाह किया तथा समझाने की कोशिश की कि वे युवाओं, लोगों को न भड़काएं। जब वे नहीं रुके तो उन पर पीएसए के तहत मामला दर्ज किया गया।’’

पिछले कुछ दिनों में मौलवियों सहित छह लोगों को पीएसए के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। कुमार ने कहा कि ‘‘यदि जरूरी हुआ’’ तो इन लोगों के खिलाफ सबूत मीडिया के साथ साझा किए जा सकते हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या और मौलवियों पर भी नजर है, अधिकारी ने कहा कि पुलिस के पास अन्य लोगों के खिलाफ भी सबूत हैं तथा वह उसी के अनुसार कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास पीएसए के अलावा कई साधन हैं। हम उन्हें (मौलवियों को) बुलाते हैं और समझाने की कोशिश करते हैं। अगर वे नहीं समझते हैं, तो हम कार्रवाई करते हैं…पीएसए अंतिम उपाय है।’’

कुमार ने यह भी दावा किया कि प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (जेआई) के बारे में ऐसी सूचना मिली है कि कि वह गुप्त रूप से गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। कुमार ने कहा, ‘‘कानून और व्यवस्था बनाए रखना केवल पुलिस की नहीं, बल्कि नागरिकों, सेना या मीडिया सबकी जिम्मेदारी है। इस साल, कानून और व्यवस्था बहुत अच्छी तरह से बनाए रखी गई, पर्यटक आए, इंटरनेट बंद नहीं हुआ, बाजार, स्कूल और कॉलेज बंद नहीं किए गए। इससे किसे फायदा हुआ? इससे समाज को फायदा होता है। हमें इस माहौल को बनाए रखना है।

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