भोपाल। शहर में खाद्य कारोबार करने वाले दस हजार व्यापारियों के पास रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस नहीं है। इसके बावजूद खाद्य व्यापारी लापरवाह बने हुए हैं। ऐसे लोगों को अंतिम मौका देते हुए जगह-जगह शिविर लगाये जा रहे हैं। हालांकि इसमें भी नाम मात्र के व्यापारी ही पहुंच रहे हैं। जो व्यापारी सालाना 12 लाख रुपए से अधिक का कारोबार करते हैं उन्हें लाइसेंस लेना जरूरी है। इसके लिए 2 हजार रुपये का शुल्क तय है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने लाइसेंस बनवाने के लिए 20 सितम्बर तक का समय दिया है. इस अवधि तक लाइसेंस नहीं बनवाने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है।
छोटे व्यापारियों रजिस्ट्रेशन करा भी लिया तो समय सीमा निकलने के बाद आगे नहीं आये- जिले में करीब 25 हजार छोटे.बड़े खाद्य व्यापारी हैं। इसमें फेरी लगाने वाले से लेकर ठेले में फल बेचने वाले भी शामिल हैं। इन्हें वर्ष 2011 में लायसेंस-रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य किया गया था। इसके बाद लगातार शिविर लगाये गये। बावजूद इसके 10 सालों में 14 हजार व्यापारी ही आगे आये। छोटे व्यापारियों रजिस्ट्रेशन करा भी लिया तो समय सीमा निकलने के बाद आगे नहीं आये। इसे देखते हुए ईट राईट चैलेंज के तहत बाजारों में जाकर लायसेंस बनाने का निर्णय लिया गया।

जो व्यापारी सालाना 12 लाख रुपए से अधिक का कारोबार करते हैं उन्हें लाइसेंस लेना जरूरी – जो व्यापारी सालाना 12 लाख रुपए से अधिक का कारोबार करते हैं उन्हें लाइसेंस लेना जरूरी है। इसके लिए 2 हजार रुपये का शुल्क तय है। लाइसेंस एवं पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड पासपोर्ट फोटो मीट मटन विक्रय के लिए नगर पालिका ग्राम पंचायत की एनओसी साथ में लाना होगा।
