निगम ने दूध, खाद और फिनाइल बेचकर कमाए साढे़ छह लाख

निगम ने दूध, खाद और फिनाइल बेचकर कमाए साढे़ छह लाख

सहारनपुर। नगर निगम द्वारा संचालित कान्हा उपवन गौशाला प्रदेश की ऐसी अकेली गौशाला है जो लगातार आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर है। कान्हा गौशाला गत मार्च माह में 97 हजार रुपये की आय तथा अब तक कुल साढे़ छह लाख रुपये की आय अर्जित कर चुकी है। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि नगर निगम द्वारा संचालित कान्हा उपवन गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निगम लगातार प्रयास कर रहा है।

निगम की कान्हा गौशाला प्रदेश की ऐसी पहली गौशाला है जो पिछले एक वर्ष से आय अर्जित कर रही है। इस आय में धीरे-धीरे बढ़ोत्तरी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि जल्दी ही कान्हा गौशाला पूर्णतः आत्मनिर्भर हो जायेगी। उन्होंने बताया कि गौशाला में गाय के गोबर से जैविक खाद तथा गौमूत्र से गोनाइल (फिनाइल) बनायी जा रही है। इसके अलावा गोबर से उपले व स्टिक तथा दीपक भी बनाये जा रहे है। दीपावली पर इन दीपकों की काफी मांग रही है। जबकि उपले शमशान आदि में प्रयोग किये जाने लगे है। गौशाला में निर्मित इन सब उत्पादों की बिक्री से होने वाली आय में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।

नगरायुक्त ने बताया कि शिवपुरी शमशान अंबाला रोड़ द्वारा गत दो माह से गौशाला में बनाये गए उपले शवों के अंतिम संस्कार हेतु लिए जा रहे हैं जिसके भुगतान रुप में आज आठ हजार रुपये का चैक शमशान के पदाधिकारी राजेंद्र अग्रवाल ने उन्हें निगम पहुंचकर भेंट किया। उन्होंने बताया कि फरवरी 2021 से गौशाला ने आय अर्जित करनी शुरु की थी। मार्च 2022 तक कान्हा उपवन गौशाला द्वारा छः लाख 51 हजार 334 रुपये की आय अर्जित की जा चुकी है। उन्होंने लोगों से घरों में कान्हा गौशाला में निर्मित जैविक खाद और गोनाइल प्रयोग करने की अपील करते हुए कहा कि गौशााला के उत्पादों से अर्जित आय को गौवंश की देख-रेख और पालन पोषण पर ही व्यय किया जाता है। उन्होंने बताया कि कान्हा गौशाला में करीब सवा तीन सौ गौवंश का पालन हो रहा है।

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