बहसूमा। एक तरफ तो सरकार करोड़ों रुपए खर्च करके पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण करवा रही है वहीं दूसरी तरफ सभी नियमों को ताक पर रखकर हरे पेड़ पर कुल्हाड़ी चल रही है। ऐसा ही जीता जाता उदाहरण एक बहसूमा कस्बे में देखने को मिला। जाह आम के हरे पेड़ों पर सरेआम कुल्हाड़ी चल रही है। और वन विभाग मोहन बैठा है। थाने के सामने से हरी आम की लकड़ियों से लदे हुए ट्रैक्टर ट्रॉली डीसीएम आराम से निकल जाते हैं लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं देता है।अगर कोई ऐसे पेड़ कटवाने का कार्य आम आदमी करता तो वन विभाग के कर्मचारी उस पर शिकंजा कसकर कानूनी प्रक्रिया का पाठ पढ़ाने में कोई कोताही नहीं बरतता। बहसूमा नगर व क्षेत्र में कांटे जा रहे हरे पेड़ों की तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।हरे पैडों की कटाई ने वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।वही आम लोगों को कहना है कि क्या सभी कानून महज मजदूर व साधारण व्यक्ति के लिए ही होते हैं। लेकिन कोई वन अधिकारी इन्हें देखने तक नहीं पहुंचा।
