जनपद में अवैध खनन रोकने के लिए बनी रणनीति टास्क फोर्स गठित

जनपद में अवैध खनन रोकने के लिए बनी रणनीति टास्क फोर्स गठित

सहारनपुर। जनपद सहारनपुर में अवैध खनन संबंधी कार्यों को रोकने के लिए जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा सात सदस्यीय कार्यबल (टास्क फोर्स) गठित किया गया है। जनपद में हरियाणा व उत्तराखण्ड राज्यों से बिना आईएसटीपी तथा ओवरलोड वाहन उपखनिज का परिवहन कर जनपद में प्रवेश करते हैं जिससे राजस्व को हानि हो रही है। इसके साथ यह भी अवगत कराना है कि बालू, आरबीएम के खनन पट्टे, कृषि भूमि के अनुज्ञा पत्र एवं स्टोन क्रेशन संचालित है। जनपद में संचालित स्टोन क्रेशरों से भी उप खनिजों के अवैध परिवहन की सूचना प्राप्त होती रहती है।

अतः उपखनिज के परिवहन करने वाले वाहनों की सघन जांच एवं अवैध खनन परिवहन पर प्रभावी अंकुश हेतु चिलकाना तिराहा थाना चिलकाना तहसील सदर, कलसिया तिराहा थाना बेहट तहसील बेहट, बिहारीगढ़ थाने के सामने, थाना बिहारीगढ़ तहसील बेहट, शाहजहांपुर चौकी, थाना सरसावा तहसील नकुड़, गगोली चौकी थाना देवबन्द तहसील देवबन्द तथा गंगोह थाने के पास थाना गंगोह तहसील नकुड़ स्थल चैकिंग हेतु चिन्हांकित किये गये है।

चिन्हित स्थलों पर हफते में 24 घंटे चैकिंग हेतु ड्यूटी अग्रिम आदेशों तक संबंधित उप जिला मजिस्ट्रेट एवं संबंधित पुलिस उपाधीक्षक के स्तर पर दो-दो राजस्व व पुलिस कर्मियों की आठ-आठ घण्टे की ड्यूटी इस प्रकार से तत्काल नियत की जायेगी कि प्रत्येक अधिकारी/कर्मी की ड्यूटी कम से कम एक सप्ताह रहे। खनन कार्मिकों की संख्या अत्यधिक कम होने के दृष्टिगत खान अधिकारी अपने कार्यालय में एक सक्षम कर्मी की डयूटी 24 घण्टे के लिए कन्ट्रोल रूप में प्रतिदिन इस आश्य से नियत करेंगे कि उक्त टीमों में से किसी भी टीम को आवश्यकता होने पर संबंधित खनन कार्मिक को शॉर्ट नोटिस पर कॉल करने पर संबंधित खनन कर्मी सूचना प्राप्त होने पर तत्काल रवाना होकर गन्तव्य तक अधिकतम एक घण्टे में पहुंचना सुनिश्चित करेंगे।

इस संदर्भ में उत्तर प्रदेश की सीमा से बाहर परिवहन कर लाये जा रहे वाहनों पर आईएसटीपी अवश्य चैक किया जाएगा। एक निश्चित मात्रा से अधिक उपखनिजों का परिवहन को भी चैक किया जाएगा। इस संबंध में यह निर्देश दिये गये उप जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस उपाधीक्षक सप्ताह में दो दिन औचक स्थलीय निरीक्षण करेंगे। किसी भी कार्मिक की ड्यूटी के संबंध में परिवर्तन केवल उप जिला मजिस्ट्रेट एवं पुलिस उपधीक्षक की अनुमति के बिना संभव नहीं होगा। खनन से संबंधित कार्मिकों का एक व्हाटसऐप गु्रप बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा।

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