ड्रग्स ने छीन लिए मां-बाप के हीरे जैसे बेटे, नशे की दलदल में फंसता जा रहा पंजाब

अपने मजबूत शरीर, खाने-पीने के शौकीन, सूरजमुखी के शौकीन लड़के, बहादुर कबड्डी खिलाड़ी आदि के लिए जाना जाने वाला पंजाब अब नशीले पदार्थों के आंधी के कारण नष्ट होता जा रहा है। हर गांव में एक या एक से अधिक लोगों की मौत नशे की ओवरडोज या इसके सेवन से हुई है। दूध, मलाई, दही, मक्खन, घी जैसे खाद्य पदार्थ खाने वाले पंजाब के लड़के इन दिनों नशे के दलदल में डूब रहे हैं, जो बहुत चिंता का विषय है। अगर अभी भी चिट्टे पर पूर्ण विराम नहीं लगा तो वह दिन दूर नहीं जब उनका खूबसूरत ‘पंजाब’ नशे की चपेट में आ जाएगा। नशे ने आज तक पता नहीं कितनी माताओं के हीरे जैसे बेटे छीन लिए है। नशे की लत ने घरों के घर उजाड़ कर रख दिए हैं।

इसका ताजा मामला सुल्तानपुर लोधी के एक गांव फौजी कॉलोनी से सामने आया है, जहां एक युवक की नशे के ओवरडोज से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार मृतक अतिंदरपाल सिंह अपने पीछे विधवा मां गुरजीत कौर, पत्नी और 2 बच्चों को छोड़ गया है।

मान लें कि ‘चिट्टा’ (नशीला पदार्थ) पुरानी सरकारों की देन है, लेकिन राज्य में नई बनी ‘आप’ सरकार की कारगुजारी समय अब चिट्टे व नशों की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है  जिसका सबसे बड़ा उदाहरण कपूरथला जिले के गांवों और कस्बों में बिक रही नशे से मिलती है, जिसकी लोगों द्वारा पुष्टि भी की जा चुकी है, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि पंजाब से ड्रग्स का पूरी तरह से सफाया कर दिया गया है। बड़ा सवाल यह भी है कि नौजवानों की मौत कैसे हो रही है।

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