मुजफ्फरनगर में सड़क सुरक्षा की पाठशाला: GIC के विद्यार्थियों को बताए यातायात नियम, दिलाई सुरक्षा की शपथ

मुजफ्फरनगर में सड़क सुरक्षा की पाठशाला: GIC के विद्यार्थियों को बताए यातायात नियम, दिलाई सुरक्षा की शपथ

मुजफ्फरनगर। यातायात माह नवंबर-2026 के तहत मुजफ्फरनगर पुलिस का आमजन और युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक यातायात अतुल कुमार चौबे के निकट पर्यवेक्षण में महावीर चौक स्थित राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यालय के शिक्षकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। यातायात पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए सुरक्षित वाहन संचालन के महत्व को समझाया।

नियमों का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य

कार्यक्रम में यातायात निरीक्षक महेश कुमार और उपनिरीक्षक यातायात पुष्पेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों तथा शिक्षकों को संबोधित किया। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है कि वह यातायात नियमों का पालन करे। थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर सड़क दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऐसी दुर्घटनाओं में न केवल जान-माल का नुकसान होता है, बल्कि परिवारों को भी जीवनभर इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सड़क पर चलते समय यातायात संकेतों, निर्धारित गति सीमा और अन्य नियमों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सुरक्षित यात्रा के लिए अनुशासन और सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण हैं।

हेलमेट और सीट बेल्ट को बताया जीवन रक्षक

यातायात पुलिस अधिकारियों ने दोपहिया और चारपहिया वाहनों के सुरक्षित संचालन के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोपहिया वाहन चलाते समय ही नहीं, बल्कि पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी मानक हेलमेट पहनना जरूरी है। हेलमेट दुर्घटना के दौरान सिर में लगने वाली गंभीर चोटों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

चारपहिया वाहन में यात्रा करते समय चालक के साथ सभी यात्रियों को भी सीट बेल्ट लगानी चाहिए। अचानक ब्रेक लगने या दुर्घटना होने की स्थिति में सीट बेल्ट गंभीर चोटों से बचाने में मदद करती है।

अधिकारियों ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और अपने माता-पिता, अभिभावकों तथा आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं की जागरूकता से परिवार और समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

लघु फिल्मों के माध्यम से समझाए दुर्घटनाओं के दुष्परिणाम

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों से संबंधित प्रेरणादायक लघु फिल्में और वीडियो भी दिखाए गए। इनके माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं के दुष्परिणामों, लापरवाही से होने वाले नुकसान और दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। वीडियो के जरिए विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि यातायात के छोटे-छोटे नियमों का पालन करके बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

विद्यार्थियों, शिक्षकों और पुलिसकर्मियों ने ली शपथ

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और पुलिसकर्मियों को हमेशा यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करने की सामूहिक शपथ दिलाई गई। सभी ने स्वयं सुरक्षित वाहन चलाने और दूसरों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

मुजफ्फरनगर यातायात पुलिस ने बताया कि यातायात माह के दौरान पूरे नवंबर में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन अभियानों का उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर सुरक्षित यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाना है।

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