मुजफ्फरनगर। जिले में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने सख्त कदम उठाया है। ग्रेप-2 के तहत आगामी 5 नवंबर से 20 नवंबर तक जिले की सभी प्रकार की निर्माण साइटों पर निर्माण कार्य पूरी तरह बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी गीतेश चंद्रा ने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए आदेश का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश के बाद विभाग ने जिलेभर में विशेष निगरानी अभियान चलाने की तैयारी की है।

निर्माण गतिविधियों पर रहेगी विभाग की पैनी नजर
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी गीतेश चंद्रा की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, निर्धारित अवधि में किसी भी निर्माण स्थल पर काम नहीं किया जा सकेगा। इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण विभाग की अलग-अलग टीमें विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर निर्माण साइटों की जांच करेंगी। शहरी क्षेत्रों के साथ अन्य इलाकों में संचालित निर्माण गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जाएगी। विभाग का प्रयास रहेगा कि प्रतिबंध के दौरान किसी भी स्थान पर नियमों का उल्लंघन कर निर्माण कार्य न किया जाए।

धूल के कणों से बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण की कोशिश
प्रदूषण नियंत्रण विभाग का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्यों के दौरान हवा में फैलने वाली धूल और उससे होने वाले प्रदूषण को रोकना है। निर्माण स्थलों पर मिट्टी, रेत, सीमेंट और अन्य सामग्री के इस्तेमाल के साथ ही उनकी ढुलाई के दौरान भी बड़ी मात्रा में धूल उड़ती है। इससे आसपास के क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसी को देखते हुए ग्रेप-2 के तहत 5 से 20 नवंबर तक निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि के दौरान निर्माण कार्य बंद रखने का आदेश सभी संबंधित लोगों के लिए अनिवार्य होगा। निगरानी के दौरान यदि किसी भी साइट पर प्रतिबंध के बावजूद निर्माण कार्य होता मिला तो संबंधित संचालक और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभागीय टीमों को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने और उल्लंघन के मामलों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

