बागपत। ग्रामीण समाज विकास केंद्र के नेतृत्व में बुधवार, 4 नवंबर 2026 को छपरौली कस्बे में बाल श्रम और भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए संयुक्त अभियान चलाया गया। शासन के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक एवं अपर पुलिस अधीक्षक बागपत के आदेशानुसार तथा पुलिस उपाधीक्षक एवं नोडल अधिकारी के निर्देशन में आयोजित अभियान में थाना एएचटी बागपत और श्रम विभाग की टीम ने भी सहभागिता की। अभियान के दौरान होटल और ढाबों की जांच करते हुए तीन बाल श्रमिकों को रेस्क्यू कराया गया।

अभियान में थाना एएचटी बागपत की महिला उपनिरीक्षक सरिता सिंह अपनी टीम के साथ, श्रम प्रवर्तन अधिकारी प्रदीप कुमार तथा ग्रामीण समाज विकास केंद्र (जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन) के प्रतिनिधि गजेंद्र सिंह शामिल रहे।

तीन बाल श्रमिकों को कराया मुक्त
संयुक्त टीम ने थाना छपरौली क्षेत्र के कस्बे में होटल और ढाबों का निरीक्षण किया। इस दौरान तीन बाल श्रमिकों को चिन्हित कर रेस्क्यू कराया गया। संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध श्रम प्रवर्तन अधिकारी द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई।
मौके पर ही बच्चों के परिजनों को बुलाया गया और बच्चों को उनकी सुपुर्दगी में सौंप दिया गया। परिजनों को भविष्य में बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम नहीं कराने की हिदायत दी गई।
दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को दी चेतावनी
अभियान के दौरान होटल, ढाबों और दुकानों के संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम न कराया जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में बाल श्रम या अन्य अवांछनीय गतिविधियों में संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
टीम ने आमजन, दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को बाल श्रम निषेध कानून की जानकारी दी। बाल श्रम रोकथाम से संबंधित जागरूकता पंपलेट विभिन्न दुकानों, होटल और ढाबों पर चस्पा किए गए।
बच्चों का सुरक्षित बचपन और शिक्षा संस्था की प्राथमिकता : मेहर चंद
ग्रामीण समाज विकास केंद्र के सचिव मेहर चंद ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के बचपन, शिक्षा और भविष्य को प्रभावित करता है। बच्चों के हाथों में काम के औजारों के बजाय किताबें होनी चाहिए। संस्था का प्रयास है कि कोई भी बच्चा आर्थिक मजबूरी या अन्य कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे और उसे सुरक्षित वातावरण मिले। उन्होंने कहा कि बाल श्रम की रोकथाम के लिए प्रशासन के साथ मिलकर जागरूकता और रेस्क्यू अभियान लगातार जारी रखे जाएंगे। आमजन से भी अपील है कि कहीं बाल श्रम दिखाई देने पर संबंधित विभाग को सूचना दें।
हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
अभियान के दौरान लोगों को पुलिस एवं सहायता से जुड़े हेल्पलाइन नंबर 1090, 112, 1076, 1098, 1930 और 1033 की जानकारी दी गई। साथ ही बाल श्रम रोकने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक रहने की अपील की गई।
अभियान के दौरान कोई भी व्यक्ति भिक्षावृत्ति करता हुआ नहीं पाया गया। टीम ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम और भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए जागरूकता एवं कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
