मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना क्षेत्र के एक गांव की विवाहिता ने अपने पति समेत पांच ससुरालियों पर दहेज की मांग को लेकर लंबे समय तक उत्पीड़न करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक, शादी में करीब आठ लाख रुपये खर्च करने और सोने-चांदी के आभूषण सहित घरेलू सामान देने के बावजूद ससुराल पक्ष के लोग संतुष्ट नहीं थे। वे मायके से एक लाख रुपये नकद और बुलेट मोटरसाइकिल लाने का दबाव बना रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी। आरोप है कि नवंबर 2025 में उसे करीब 12 वर्षीय बेटे के साथ घर से निकाल दिया गया। पीड़िता की शिकायत पर शाहपुर पुलिस ने पति सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शादी में आठ लाख रुपये खर्च करने के बाद भी दहेज की मांग

पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, बुढ़ाना क्षेत्र के एक गांव निवासी विवाहिता की शादी 16 जनवरी 2011 को शामली जिले के गढ़ी थाना क्षेत्र के गांव पेलखा निवासी अरुण कुमार के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। विवाहिता का कहना है कि उसके पिता ने अपनी सामर्थ्य से अधिक खर्च करते हुए शादी में करीब आठ लाख रुपये लगाए थे। इसमें घरेलू जरूरत का सामान, सोने-चांदी के आभूषण और कीमती कपड़े शामिल थे।
आरोप है कि शादी के बाद भी पति अरुण कुमार, ससुर रहतू लाल, सास शारदा, देवर अवनीश शर्मा और देवरानी पारुल अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। वे मायके से एक लाख रुपये नकद और बुलेट मोटरसाइकिल लाने का दबाव बनाते थे। मांग पूरी करने में असमर्थता जताने पर विवाहिता के साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी। पीड़िता के मुताबिक, इस व्यवहार से वह लंबे समय तक शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान रही।
पिता की मौत के बाद भी जारी रही कथित प्रताड़ना
विवाहिता के अनुसार, शादी के बाद उसके घर एक बेटे का जन्म हुआ, जिसकी उम्र अब करीब 12 वर्ष है। बेटे के जन्म के बाद भी ससुराल वालों के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। पीड़िता का आरोप है कि दहेज की लगातार मांग और उसके उत्पीड़न को लेकर उसके पिता मानसिक तनाव में रहते थे। इसी बीच 30 नवंबर 2025 को उनके पिता की मृत्यु हो गई। इसके बावजूद ससुराल पक्ष के लोग अपनी कथित मांग पर अड़े रहे।
शिकायत में विवाहिता ने पति पर शराब पीने और घर के खर्च के लिए पर्याप्त पैसे नहीं देने का भी आरोप लगाया है। उसका कहना है कि जब वह पति को शराब पीने से रोकती या इस बात का विरोध करती थी तो उसके साथ मारपीट की जाती थी। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि पति अपने बेटे की देखभाल की जिम्मेदारी भी नहीं निभाता था।
पति पर इच्छा के विरुद्ध अप्राकृतिक कृत्य करने का आरोप
विवाहिता ने शिकायत में पति पर शराब के नशे में उसकी इच्छा के विरुद्ध अप्राकृतिक कृत्य करने का गंभीर आरोप भी लगाया है। इसके अलावा उसने पति के गांव की अन्य महिलाओं से कथित संबंध होने की बात कही है। पीड़िता का आरोप है कि जब उसने इन बातों की शिकायत ससुराल के अन्य सदस्यों से की तो उन्होंने पति को समझाने के बजाय उस पर दहेज की मांग पूरी करने का दबाव बनाया।
शिकायत के मुताबिक, 19 नवंबर 2025 को एक लाख रुपये और बुलेट मोटरसाइकिल की मांग पूरी नहीं होने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके साथ घर में मारपीट की। विवाहिता ने जान से मारने का प्रयास किए जाने का आरोप भी लगाया है। उसका कहना है कि किसी तरह अपनी जान बचाने के बाद अगले दिन 20 नवंबर 2025 को उसे करीब 12 वर्षीय बेटे के साथ घर से बाहर निकाल दिया गया। उस समय उनके पास केवल पहने हुए कपड़े थे। इसके बाद वह अपने मायके पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई। पीड़िता के अनुसार, तब से वह अपने मायके में ही रह रही है।
मुख्यमंत्री को शिकायत भेजने के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़िता ने न्याय की मांग को लेकर 26 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजा था। इसमें उसने पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। अब उसकी शिकायत के आधार पर शाहपुर पुलिस ने पति अरुण कुमार, ससुर रहतू लाल, सास शारदा, देवर अवनीश शर्मा और देवरानी पारुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। विवाहिता की ओर से लगाए गए दहेज उत्पीड़न, मारपीट और अन्य गंभीर आरोपों की पुष्टि जांच तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस की विवेचना जारी है।

