मुजफ्फरनगर। जिले में तैनात पुलिसकर्मियों को अवकाश लेने में होने वाली परेशानियों को दूर करने और छुट्टियों की स्वीकृति प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने नई व्यवस्था लागू करने के संबंध में आदेश जारी किया है। इसके तहत मुख्य आरक्षी, आरक्षी, उपनिरीक्षक, चौकी प्रभारी, थाना प्रभारी और विभिन्न शाखाओं में तैनात पुलिसकर्मियों के अवकाश स्वीकृत करने के लिए अधिकारियों के अधिकार और जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।

एसएसपी ने आदेश में स्पष्ट किया है कि विशेष परिस्थितियों अथवा उच्चाधिकारियों की ओर से अवकाश बंद किए जाने की स्थिति को छोड़कर किसी भी पुलिसकर्मी की छुट्टी अनावश्यक रूप से नहीं रोकी जानी चाहिए। अवकाश की अवधि के अनुसार संबंधित अधिकारी को आवेदन स्वीकृत करने का अधिकार दिया गया है। साथ ही आवेदन को समय से संबंधित अधिकारी तक पहुंचाने और उसी दिन उसके निस्तारण की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मुख्य आरक्षी और आरक्षियों के अवकाश के लिए निर्धारित हुई व्यवस्था
जारी आदेश के अनुसार, मुख्य आरक्षी और आरक्षियों के तीन दिन तक के आकस्मिक अवकाश को प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष, प्रतिसार निरीक्षक अथवा शाखा प्रभारी स्वीकृत कर सकेंगे। वहीं, 14 दिन तक के आकस्मिक अवकाश और 15 दिन तक के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति का अधिकार संबंधित क्षेत्राधिकारी को दिया गया है।
इसी तरह, 30 दिन तक के उपार्जित अवकाश को संबंधित अपर पुलिस अधीक्षक स्वीकृत कर सकेंगे। निर्धारित अवधि से अधिक के उपार्जित अवकाश और अन्य प्रकार की छुट्टियों की स्वीकृति वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से की जाएगी। इस व्यवस्था से अवकाश की अवधि के अनुसार संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी स्पष्ट कर दी गई है।
उपनिरीक्षकों और चौकी प्रभारियों के लिए भी तय किए गए अधिकार
उपनिरीक्षकों के अवकाश स्वीकृत करने के लिए भी अलग-अलग स्तर पर व्यवस्था निर्धारित की गई है। आदेश के मुताबिक, उपनिरीक्षकों के तीन दिन तक के आकस्मिक अवकाश को प्रभारी निरीक्षक अथवा थानाध्यक्ष स्वीकृत कर सकेंगे। सात दिन तक के आकस्मिक अवकाश की स्वीकृति संबंधित क्षेत्राधिकारी देंगे।
इसके अलावा, 14 दिन तक के आकस्मिक अवकाश और 15 दिन तक के उपार्जित अवकाश को संबंधित अपर पुलिस अधीक्षक स्वीकृत करेंगे। इससे अधिक अवधि के अवकाश और अन्य प्रकार की छुट्टियों के लिए एसएसपी की स्वीकृति आवश्यक होगी।
चौकी प्रभारियों के 14 दिन तक के आकस्मिक अवकाश और 15 दिन तक के उपार्जित अवकाश को संबंधित अपर पुलिस अधीक्षक स्वीकृत करेंगे। तय सीमा से अधिक अवधि के अवकाश और अन्य प्रकार की छुट्टियों के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की अनुमति लेनी होगी।
निरीक्षकों और एसओजी कर्मियों के अवकाश एसएसपी करेंगे स्वीकृत
आदेश में निरीक्षक, थाना प्रभारी, शाखा प्रभारी और विशेष अभियान समूह यानी एसओजी में तैनात कर्मचारियों के अवकाश को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। इनके सभी प्रकार के अवकाश वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से स्वीकृत किए जाएंगे। इस तरह अलग-अलग पदों और जिम्मेदारियों के अनुसार अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
अवकाश प्रार्थनापत्र उसी दिन अधिकारी के सामने रखने के निर्देश
एसएसपी ने अवकाश के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं। जिन प्रार्थनापत्रों पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की स्वीकृति जरूरी होगी, उन्हें संबंधित क्षेत्राधिकारी अथवा अपर पुलिस अधीक्षक की संस्तुति और टिप्पणी के साथ एसएसपी कार्यालय भेजा जाएगा।
संबंधित लिपिक की जिम्मेदारी होगी कि आवेदन उसी दिन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया समय से पूरी हो सके। इसके साथ ही जिले में तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अवकाश के लिए अपना प्रार्थनापत्र सुबह ही संबंधित प्रभारी को उपलब्ध करा दें।
संबंधित प्रभारी आवेदन पर अपनी संस्तुति अथवा टिप्पणी दर्ज करने के बाद उसे डाक रनर या पैरोकार के माध्यम से संबंधित कार्यालय तक पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे। कार्यालय स्तर पर भी प्रार्थनापत्र को उसी दिन संबंधित अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित रहने से रोकना है।
बेवजह छुट्टी रोकने या लापरवाही पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने आदेश में स्पष्ट किया है कि विशेष परिस्थितियों अथवा उच्चाधिकारियों की ओर से अवकाश बंद किए जाने की स्थिति को छोड़कर किसी भी पुलिसकर्मी का अवकाश अनावश्यक रूप से नहीं रोका जाना चाहिए। यदि किसी कारणवश किसी कर्मचारी की छुट्टी रोकना आवश्यक हो, तो संबंधित अधिकारी को इसकी जानकारी तत्काल उच्चाधिकारियों को देनी होगी।
आदेश में यह भी कहा गया है कि स्वीकृत अवकाश का उपयोग करने में पुलिसकर्मियों को बेवजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए। छुट्टी रोकने, आदेश के अनुपालन में शिथिलता बरतने या लापरवाही करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने सभी पुलिस अधीक्षकों, क्षेत्राधिकारियों, प्रतिसार निरीक्षक, थाना प्रभारियों और शाखा प्रभारियों को नई व्यवस्था से अवगत होकर उसका पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
नई व्यवस्था से पुलिसकर्मियों के अवकाश आवेदन पर निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट होगी। साथ ही, आवेदन समय से संबंधित अधिकारी तक पहुंचाने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उस पर निर्णय लेने की जिम्मेदारी भी तय होगी।

