मुजफ्फरनगर। पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव फलौदा के निकट दो बाइकों की भिड़ंत में 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि उनका भांजा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में दूसरी बाइक पर सवार एक स्कूल प्रबंधक के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है। महिला की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन महिला का शव ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर पुरकाजी स्थित प्राणनाथ विद्या मंदिर स्कूल के गेट पर पहुंच गए और शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने दूसरी बाइक पर सवार स्कूल प्रबंधक देवेंद्र सिंह की गिरफ्तारी और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।

रिश्तेदारी में शोकसभा में शामिल होने जा रही थीं रमेशो
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव अब्दुलपुर निवासी 60 वर्षीय रमेशो पत्नी छत्रपाल अपने भांजे सागर कुमार के साथ चरथावल थाना क्षेत्र के गांव अकबरगढ़ जा रही थीं। उन्हें वहां एक रिश्तेदार की मौत के बाद आयोजित शोकसभा में शामिल होना था।

बताया गया कि सुबह करीब 11 बजे जब उनकी बाइक गांव फलौदा के निकट पहुंची, तभी आगे चल रही दूसरी बाइक अचानक मुड़ गई। इस दौरान दोनों बाइकों की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि रमेशो बाइक से उछलकर दूर जा गिरीं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
अस्पताल में महिला को मृत घोषित किया, भांजा जिला अस्पताल रेफर
हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल रमेशो और उनके भांजे सागर कुमार को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद रमेशो को मृत घोषित कर दिया। सागर कुमार की हालत गंभीर होने के कारण उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।
दूसरी बाइक पर सवार पुरकाजी देहात निवासी और प्राणनाथ विद्या मंदिर स्कूल के प्रबंधक देवेंद्र सिंह के भी हादसे में घायल होने की जानकारी मिली है। घटना की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। महिला के शव का पंचनामा भरने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पोस्टमार्टम के बाद स्कूल गेट पर शव रखकर प्रदर्शन
रमेशो की मौत से परिवार में मातम छा गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब शव परिजनों को सौंपा गया, तो उन्होंने हादसे को लेकर विरोध जताने का फैसला किया। परिजन शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर पुरकाजी स्थित प्राणनाथ विद्या मंदिर स्कूल के गेट पर पहुंच गए और वहां शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
परिजनों ने दूसरी बाइक पर सवार स्कूल प्रबंधक देवेंद्र सिंह की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई। उनका कहना था कि हादसे के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ शीघ्र कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि, परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करते रहे।
इलाज में देरी का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
प्रदर्शन के दौरान मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद रमेशो काफी देर तक घायल अवस्था में पड़ी रहीं और उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजने में देरी हुई। परिजनों का कहना था कि यदि उन्हें समय रहते बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल जाती, तो संभवतः उनकी जान बचाई जा सकती थी।
हालांकि, उपचार में देरी के कारण महिला की मौत होने संबंधी परिजनों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में चिकित्सा प्रक्रिया और घटनाक्रम की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परिजनों ने स्कूल प्रबंधक देवेंद्र सिंह को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उचित कार्रवाई करने के बजाय संबंधित व्यक्ति को बचाने का प्रयास कर रही है। परिजनों ने इन आरोपों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
तहरीर मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन
मामले को लेकर थाना प्रभारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों को उनकी शिकायत के संबंध में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि परिजनों की ओर से लिखित तहरीर मिलने के बाद उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस मौके पर मौजूद रहकर परिजनों को समझाने और स्थिति को शांत कराने का प्रयास करती रही। फिलहाल मामले में परिजनों की ओर से लगाए गए आरोप, हादसे की परिस्थितियां और पुलिस की आगामी कार्रवाई महत्वपूर्ण हैं। लिखित शिकायत मिलने के बाद जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

