मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में शनिवार शाम न्यायालय से जारी गिरफ्तारी वारंट पर हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। सिखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव सिखेड़ा में आरोपी के परिजनों और अन्य लोगों ने पुलिसकर्मियों को घेरकर उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने पुलिसकर्मियों के कॉलर पकड़े, धक्का-मुक्की की, लात-घूंसे बरसाए और उनकी वर्दी फाड़ दी। इस दौरान पुलिसकर्मियों की नेम प्लेट भी नोच ली गई।

आरोप है कि इसी बीच परिजन पुलिस हिरासत में लिए गए हिस्ट्रीशीटर साहिल उर्फ भूरिया को छुड़ाकर फरार हो गए। पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ने के लिए पीछा किया तो हमलावरों ने दोबारा उन्हें घेर लिया और मारपीट की। घटना में उपनिरीक्षक रूपेश कुमार और कांस्टेबल कुलदीप घायल हो गए। दोनों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर फरार हिस्ट्रीशीटर और हमले में शामिल आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।

शाम सात बजे वारंट लेकर गांव पहुंची थी पुलिस
घटना शनिवार शाम करीब सात बजे की बताई जा रही है। सिखेड़ा थाने में तैनात उपनिरीक्षक रूपेश कुमार कांस्टेबल कुलदीप और राजवीर के साथ गांव सिखेड़ा पहुंचे थे। पुलिस टीम को गांव निवासी साहिल उर्फ भूरिया पुत्र यूनुस को गिरफ्तार करना था। उसके खिलाफ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय संख्या-दो से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था।
पुलिस के अनुसार, वारंट केस संख्या 9199/9/24 से संबंधित था। पुलिसकर्मी साहिल के घर पहुंचे और उसे न्यायालय से जारी वारंट की जानकारी देते हुए हिरासत में ले लिया। इसी दौरान साहिल ने पुलिस की पकड़ से छूटकर भागने का प्रयास किया। आरोप है कि तभी उसके परिजन बीच में आ गए और पुलिस टीम का विरोध करते हुए पुलिसकर्मियों से उलझने लगे।
महिलाओं और पुरुषों ने पुलिसकर्मियों को घेरा
उपनिरीक्षक रूपेश कुमार की तहरीर के अनुसार, साहिल को हिरासत में लेते ही घर की महिलाओं और पुरुषों ने पुलिस टीम के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि पुलिसकर्मियों को जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके बाद कई लोगों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि एक पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़कर खींचा गया और धक्का-मुक्की के बाद लात-घूंसों से मारपीट की गई। पुलिसकर्मी खुद को हमलावरों के बीच से निकालने का प्रयास करते रहे। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर साहिल पुलिस की हिरासत से निकलकर भाग गया।
पीछा करने पर दोबारा की मारपीट, वर्दी फाड़ी
पुलिस के मुताबिक, साहिल के फरार होने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा करने की कोशिश की। इस पर परिजनों और अन्य लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि हमलावरों ने पुलिस टीम को दोबारा घेरकर मारपीट शुरू कर दी।
खींचतान और मारपीट के दौरान पुलिसकर्मियों की वर्दी फट गई। उनकी नेम प्लेट भी नोच ली गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस टीम को पीछे हटना पड़ा। उपनिरीक्षक रूपेश कुमार ने तहरीर में बताया कि पुलिसकर्मियों ने किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाई। आरोप है कि हमलावरों ने उनका पीछा भी किया।
मां, पत्नी, चार बहनों और भाई समेत कई लोगों पर आरोप
उपनिरीक्षक रूपेश कुमार की तहरीर के आधार पर पुलिस ने साहिल उर्फ भूरिया के कई परिजनों को नामजद किया है। इनमें उसकी मां आयशा, पत्नी जाने जहां, बहनें सना, सानिया, सैफी और शोहा तथा भाई जैद के नाम शामिल हैं। इसके अलावा कुछ अज्ञात लोगों पर भी हमले में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस का आरोप है कि इन लोगों ने एकजुट होकर सरकारी कार्य में बाधा डाली, पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की और हिरासत में लिए गए वारंटी को छुड़ाकर भगा दिया। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर नामजद और अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। मामले में आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
दरोगा रूपेश कुमार और कांस्टेबल कुलदीप घायल
मारपीट की घटना में उपनिरीक्षक रूपेश कुमार और कांस्टेबल कुलदीप को चोटें आई हैं। घटना के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को उपचार और चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उपनिरीक्षक रूपेश कुमार ने सिखेड़ा थाने पहुंचकर घटना की तहरीर दी।
तहरीर में मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी, वर्दी फाड़ने और आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ाकर फरार कराने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
गांव में अफरा-तफरी, मौके पर छूट गए जूते-चप्पल
पुलिसकर्मियों और आरोपियों के बीच हुई मारपीट के दौरान गांव में अफरा-तफरी मच गई। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए। पुलिस की तहरीर के अनुसार, हंगामे के बीच भगदड़ जैसे हालात बन गए और कुछ लोगों के जूते-चप्पल तक मौके पर छूट गए।
घटना के बाद गांव में तनाव की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस आसपास के इलाकों में भी जानकारी जुटा रही है और फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
सिखेड़ा थाने का हिस्ट्रीशीटर है साहिल उर्फ भूरिया
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, साहिल उर्फ भूरिया सिखेड़ा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसकी हिस्ट्रीशीट संख्या 36-ए बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ मुजफ्फरनगर के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह सिखेड़ा थाने में दर्ज एक अन्य मुकदमे में भी वांछित चल रहा था।
पुलिस की तहरीर में मुकदमा संख्या 125/2026 का भी उल्लेख किया गया है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3) और 352 के तहत दर्ज बताया गया है। पुलिस का दावा है कि साहिल और उसके परिजनों के भय के कारण स्थानीय लोग उनके खिलाफ शिकायत करने से बचते हैं।
फरार हिस्ट्रीशीटर और हमले में शामिल लोगों की तलाश तेज
न्यायालय से जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर पुलिस टीम साहिल को पकड़ने पहुंची थी, लेकिन उसे हिरासत में लेने के कुछ ही देर बाद हुई घटना में पुलिसकर्मी घायल हो गए और आरोपी फरार हो गया। पुलिस अब साहिल उर्फ भूरिया के साथ उन परिजनों और अन्य लोगों की तलाश कर रही है, जिनके नाम तहरीर में दर्ज हैं।
पुलिस गांव और आसपास के क्षेत्रों में संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर दबिश दे रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के आधार पर की जाएगी।

