मुजफ्फरनगर। शहर के खांजापुर इलाके में मकान विवाद और कथित ब्लैकमेलिंग से जुड़े गंभीर आरोपों के बीच 50 वर्षीय बादल ठाकुर की मौत का मामला सामने आया है। शुक्रवार दोपहर उनका शव घर के कमरे में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। मृतक के बेटे ने मकान को लेकर विवाद, पैसों की मांग और धमकियां दिए जाने के आरोप लगाए हैं। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।

कमरे में फंदे पर लटका मिला शव, परिवार में मचा कोहराम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खांजापुर निवासी बादल ठाकुर की मौत से उनके परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे जब घर के लोगों ने कमरे में जाकर देखा तो बादल ठाकुर फंदे पर लटके हुए मिले। यह दृश्य देखकर परिवार के लोगों में चीख-पुकार मच गई। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए आवश्यक जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस परिजनों से जानकारी जुटाने के साथ ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
बेटे करण का आरोप, 15 से 20 दिनों से मानसिक तनाव में थे पिता
मृतक के बेटे करण ने आरोप लगाया कि उनके पिता पिछले 15 से 20 दिनों से मानसिक तनाव में थे। करण के मुताबिक, परिवार के मकान को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके कारण उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। बेटे का आरोप है कि विवाद के सिलसिले में पैसों की मांग की जा रही थी और रकम नहीं देने पर झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी जाती थीं।
परिवार का कहना है कि मकान से जुड़ा विवाद उनके लिए लगातार परेशानी का कारण बना हुआ था। करण ने आशंका जताई कि विवाद और कथित धमकियों के चलते उनके पिता तनाव में रहने लगे थे। हालांकि, इन आरोपों और बादल ठाकुर की मौत के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसकी वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
कथित फर्जी मीडियाकर्मी पर ब्लैकमेलिंग और पैसे मांगने का आरोप
मृतक के बेटे करण ने एक व्यक्ति पर कथित तौर पर फर्जी मीडियाकर्मी बनकर ब्लैकमेलिंग करने और पैसे मांगने का आरोप भी लगाया है। करण का कहना है कि संबंधित व्यक्ति की ओर से कथित रूप से पैसे नहीं देने पर खबर चलाने की धमकी दी जाती थी। परिवार का आरोप है कि मकान विवाद के साथ-साथ इस तरह के दबाव के कारण भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
इन आरोपों के सामने आने के बाद मामले में कथित ब्लैकमेलिंग, पैसों की मांग और धमकियों से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, संबंधित व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस को जांच के दौरान यह स्पष्ट करना होगा कि कथित तौर पर पैसे मांगने या धमकी देने की कोई घटना हुई थी या नहीं और यदि हुई थी तो उसमें किन लोगों की भूमिका थी।
साढ़े तीन साल पहले खरीदा था मकान, विवाद की जांच की मांग
परिवार के अनुसार, उन्होंने करीब साढ़े तीन साल पहले संबंधित मकान खरीदा था। अब इसी मकान को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। बेटे करण ने आरोप लगाया कि विवाद के कारण उनके पिता पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव में थे। परिवार चाहता है कि मकान की खरीद से संबंधित दस्तावेजों, विवाद की प्रकृति और कथित पैसों की मांग व धमकियों से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाए।
मामले में मकान के दस्तावेज, विवाद से संबंधित उपलब्ध साक्ष्य और परिजनों की ओर से दी जाने वाली जानकारी जांच के लिए अहम हो सकती है। पुलिस इन तथ्यों के आधार पर मामले की परिस्थितियों को स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
बादल ठाकुर की मौत के बाद परिवार ने पुलिस से पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने और न्याय दिलाने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मौत के कारणों और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और मकान विवाद से जुड़े दस्तावेज आगे की जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इस दुखद घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और परिजन अब पूरे मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।

