मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मेरठ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को देखते हुए मुजफ्फरनगर जिले में सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा के आदेश पर जिला विद्यालय निरीक्षक हरिकेश यादव ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, जिले में नर्सरी से लेकर कक्षा 12 तक संचालित सभी संबंधित विद्यालयों में शुक्रवार को शिक्षण कार्य बंद रहेगा।

प्रशासन की ओर से यह निर्णय मतदान प्रक्रिया में शिक्षकों और कर्मचारियों की भागीदारी तथा विद्यालयों में नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए लिया गया है। अवकाश का आदेश सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के साथ ही सीबीएसई, आईसीएसई तथा अन्य बोर्डों से संबद्ध विद्यालयों पर भी लागू होगा। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सभी बोर्डों के विद्यालय रहेंगे बंद
जिला विद्यालय निरीक्षक हरिकेश यादव की ओर से जारी निर्देशों के तहत जिले में संचालित परिषदीय, माध्यमिक, मान्यता प्राप्त और सहायता प्राप्त विद्यालयों में अवकाश रहेगा। इसके अलावा सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्डों से संबद्ध विद्यालय भी बंद रहेंगे। आदेश में नर्सरी से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवकाश किसी एक श्रेणी या बोर्ड के विद्यालयों तक सीमित नहीं है। जिले में संचालित सभी संबंधित विद्यालयों को निर्देशों का अनुपालन करना होगा। विद्यालय प्रबंधन को विद्यार्थियों और अभिभावकों तक अवकाश की जानकारी पहुंचाने तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है।
स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव के मद्देनजर फैसला
मेरठ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के लिए शुक्रवार को होने वाले मतदान को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इन निर्वाचन क्षेत्रों में निर्धारित पात्रता के अनुसार स्नातक और शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं।
विद्यालयों में कार्यरत ऐसे शिक्षक और कर्मचारी, जो संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता हैं, उन्हें मतदान में भाग लेने का अवसर देने के साथ ही नियमित शिक्षण व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को ध्यान में रखा गया है। इसी के चलते जिले के विद्यालयों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है।
जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुपालन में जिला विद्यालय निरीक्षक ने विद्यालय संचालकों को अवकाश संबंधी आदेश का पालन करने के लिए कहा है, ताकि मतदान के दौरान विद्यालयों की व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अर्धवार्षिक और प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तारीखें बदलेंगी
विद्यालयों में अवकाश घोषित होने से उन विद्यार्थियों को भी ध्यान देने की जरूरत है, जिनकी अर्धवार्षिक या प्रयोगात्मक परीक्षाएं निर्धारित तिथि पर होनी थीं। जिला विद्यालय निरीक्षक हरिकेश यादव ने स्पष्ट किया है कि अवकाश के दिन जिन विद्यालयों में अर्धवार्षिक परीक्षाएं अथवा प्रयोगात्मक परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, उनके कार्यक्रम में बदलाव किया जाएगा।
संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे परीक्षाओं को आगामी उपयुक्त तिथि पर समायोजित करें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अवकाश के कारण विद्यार्थियों की परीक्षा प्रभावित न हो और परीक्षा संबंधी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा सकें।
परीक्षाओं की संशोधित तारीखें संबंधित विद्यालयों की ओर से निर्धारित की जाएंगी। ऐसे में विद्यार्थियों और अभिभावकों को परीक्षा कार्यक्रम में किसी भी बदलाव की जानकारी के लिए अपने विद्यालय के संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है।
विद्यालय प्रबंधन को आदेश का पालन करने के निर्देश
जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा के आदेश के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। विद्यालय प्रशासन को अवकाश की सूचना विद्यार्थियों और अभिभावकों तक पहुंचाने के साथ ही निर्धारित परीक्षाओं के पुनर्निर्धारण की व्यवस्था करनी होगी।
प्रशासन के इस फैसले से जिले में नर्सरी से कक्षा 12 तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अवकाश मिलेगा। वहीं, जिन विद्यालयों में परीक्षाएं निर्धारित थीं, वहां नई तारीखों के अनुसार कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।
अभिभावक विद्यालय से लेते रहें जानकारी
अवकाश के दौरान किसी विद्यार्थी की अर्धवार्षिक या प्रयोगात्मक परीक्षा निर्धारित थी तो उसके अभिभावकों को संबंधित विद्यालय से संशोधित कार्यक्रम की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। विद्यालयों की ओर से नई तारीखें तय किए जाने के बाद विद्यार्थियों को उसी के अनुसार परीक्षा में शामिल होना होगा।
एमएलसी चुनाव के मद्देनजर घोषित यह अवकाश जिले के सभी संबंधित विद्यालयों पर लागू होगा। जिला प्रशासन ने विद्यालय प्रबंधन को आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि मतदान प्रक्रिया और विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सके।

