हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में जिलाधिकारी अशोक कुमार ने बुधवार को प्रातः 10 बजे विकास भवन का औचक निरीक्षण कर विभिन्न कार्यालयों की कार्यप्रणाली, साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्थानों पर गंदगी, अव्यवस्थित सामग्री, रखरखाव में लापरवाही तथा उपस्थिति संबंधी कमियां पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने तथा कार्यालयों में अनुशासन, स्वच्छता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान जिला समाज कल्याण कार्यालय, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण कार्यालय, अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय, जिला विकास अधिकारी कार्यालय, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए), युवा कल्याण विभाग, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, अर्थ एवं संख्या अधिकारी कार्यालय, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय, आयुष कार्यालय, नेडा, कृषि विभाग, दुग्ध विकास विभाग तथा सहायक निबंधक सहकारिता कार्यालय सहित विकास भवन स्थित विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालयों में उपलब्ध व्यवस्थाओं, कार्यस्थलों की स्थिति तथा सरकारी अभिलेखों के रखरखाव का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर, सीढ़ियों एवं शौचालयों में गंदगी, मकड़ी के जाले, टूटे हुए शीशे तथा अनुपयोगी सामग्री एवं स्क्रैप अव्यवस्थित ढंग से रखा हुआ पाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी कार्यालयों में स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण बनाए रखना प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी है। कार्यालयों में साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था की जाए तथा अनुपयोगी एवं निष्प्रयोज्य सामग्री का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। महत्वपूर्ण एवं मूल अभिलेखों को व्यवस्थित ढंग से सुरक्षित रखा जाए, ताकि शासकीय कार्यों के निष्पादन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। उपस्थिति रजिस्टरों के निरीक्षण के दौरान विभिन्न कार्यालयों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अनुपस्थिति संबंधी कमियां सामने आने पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया।
उन्होंने संबंधित कार्यालयाध्यक्षों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने तथा बिना उचित कारण अनुपस्थित पाए गए 10 कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालय समय में कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यों का समयबद्ध निस्तारण और आमजन को सुगम सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। विकास भवन में साफ-सफाई एवं व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी के संबंध में जिलाधिकारी ने नाजिर जितेंद्र कुमार को कड़ी फटकार लगाई तथा मुख्य विकास अधिकारी के स्तर से नियमानुसार प्रतिकूल प्रविष्टि निर्गत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालय परिसर की व्यवस्थाओं में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने कार्यालयों की कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर कराएं और व्यवस्थाओं में स्पष्ट सुधार सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने विकास भवन की समस्त व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों को 15 दिन की समयसीमा निर्धारित की।

