बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र में जंगल किनारे खेत में धान काट रहे किसान पर तेंदुए ने हमला कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई। शनिवार को खेत पर गए 52 वर्षीय उस्मान देर शाम तक घर नहीं लौटे तो परिजनों ने तलाश शुरू की। रातभर खोजबीन के बाद रविवार सुबह अमरोहा बाबा जंगल में करीब 200 मीटर अंदर उनका क्षत-विक्षत शव मिला। घटना के बाद जंगल से सटे गांवों में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों को अब खेतों में अकेले जाने और फसल काटने में भी डर लग रहा है।

राजापुर कला के बनकटवा गांव निवासी उस्मान शनिवार को धान की कटाई के लिए अपने खेत पर गए थे। उनका खेत जंगल के किनारे स्थित है। परिजनों के मुताबिक, वह दोपहर करीब एक से तीन बजे के बीच खेत पर गए थे। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिवार को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन रातभर उनका कोई पता नहीं चल सका।

रविवार सुबह वन विभाग को सूचना दी गई। टीम ने तलाश शुरू की तो अमरोहा बाबा जंगल में करीब 200 मीटर अंदर उस्मान का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शव की हालत देखकर जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई गई। वन विभाग के चौकी इंचार्ज अवनीश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तेंदुए के हमले से किसान की मौत होने की पुष्टि हुई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मोतीपुर रेंजर के के सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिली है और मामले की जांच की जा रही है।
जंगल के किनारे बसे गांवों में उस्मान की मौत से भय का माहौल है। खेतों में काम करने वाले किसानों को आशंका है कि तेंदुआ आसपास ही मौजूद हो सकता है और किसी अन्य व्यक्ति पर भी हमला कर सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से सटे खेतों में अकेले जाना और धान की कटाई करना अब जोखिम भरा लग रहा है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगल के आसपास पिंजड़ा लगाने, तेंदुए की तलाश कर उसे पकड़ने और गांवों व खेतों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। किसान की मौत ने जंगल किनारे खेती करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।

