मुजफ्फरनगर में SSP सूरज कुमार राय का सख्त एक्शन प्लान: लंबित विवेचनाओं से साइबर अपराध तक, लापरवाही पर लगाई लगाम

मुजफ्फरनगर में SSP सूरज कुमार राय का सख्त एक्शन प्लान: लंबित विवेचनाओं से साइबर अपराध तक, लापरवाही पर लगाई लगाम

मुजफ्फरनगर। जनपद में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित अपराध गोष्ठी में उन्होंने विभिन्न थानों में लंबित विवेचनाओं, गैंगस्टर एक्ट के मामलों, साइबर अपराध, महिला संबंधी अपराधों, न्यायालयों में विचाराधीन मामलों और जनशिकायतों के निस्तारण की विस्तार से समीक्षा की।

एसएसपी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आपराधिक मामलों की विवेचना में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेकर उनका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने के साथ पुलिस अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर कानून-व्यवस्था बनाए रखनी होगी।

बैठक में आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, पुराने विवादों की जानकारी जुटाने और समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही डिजिटल पुलिसिंग से जुड़ी व्यवस्थाओं का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

गैंगस्टर एक्ट के मामलों में संपत्तियों की जांच पर जोर

अपराध गोष्ठी के दौरान एसएसपी सूरज कुमार राय ने गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रस्तावित कार्रवाई और गैंगचार्टों की समीक्षा की। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई के लिए तैयार किए जाने वाले अभिलेखों, तथ्यों और संबंधित दस्तावेजों की स्वयं जांच करें, ताकि कानूनी प्रक्रिया में किसी प्रकार की कमी न रहे।

उन्होंने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के अंतर्गत संपत्ति संबंधी कार्रवाई की समीक्षा करते हुए आरोपियों की कथित रूप से अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों का विवरण जुटाने पर जोर दिया। अधिकारियों को संपत्ति के स्वामित्व, आय के स्रोत और उपलब्ध दस्तावेजों का विधिवत परीक्षण करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

एसएसपी ने कहा कि ऐसे मामलों में ठोस साक्ष्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए। अभिलेखों की शुद्धता और तथ्यों की पुष्टि सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

लंबित विवेचनाओं के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश

बैठक में जनपद के विभिन्न थानों में लंबित आपराधिक मामलों की विवेचनाओं की स्थिति पर भी चर्चा हुई। एसएसपी ने विशेष रूप से 60 और 90 दिन की समयसीमा से संबंधित लंबित विवेचनाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि विवेचना में अनावश्यक देरी से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए विवेचना अधिकारियों को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच पूरी करने और प्रत्येक मामले में समयबद्धता के साथ गुणवत्ता बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए।

थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित मामलों की स्थिति पर नजर रखें और संबंधित विवेचना अधिकारियों से प्रगति की जानकारी लेते रहें। जांच के दौरान साक्ष्यों का संकलन, अभिलेखों का रखरखाव और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया समय से पूरी की जाए।

साइबर ठगी की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो

बढ़ते साइबर अपराधों को ध्यान में रखते हुए एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी या अन्य ऑनलाइन अपराध की शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई तत्काल शुरू की जाए।

पीड़ितों को उपलब्ध कानूनी और तकनीकी सहायता दिलाने, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और आरोपियों की पहचान के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया गया। महत्वपूर्ण साइबर अपराधों के मामलों में तथ्यों का शीघ्र संकलन कर उच्चाधिकारियों को जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए।

एसएसपी ने सूचना के आदान-प्रदान में सावधानी बरतने और मीडिया को केवल सत्यापित एवं प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया, ताकि किसी घटना को लेकर गलत या भ्रामक सूचनाएं प्रसारित न हों।

त्योहारों पर संवेदनशील इलाकों में पुलिस की रहेगी निगरानी

आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए एसएसपी ने सभी क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थानों, पुराने विवादों और ऐसे मामलों को चिह्नित किया जाए, जिनसे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो सकती है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विवादों की जानकारी जुटाकर आवश्यकतानुसार समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। स्थानीय स्तर पर पुलिस की सक्रियता बनाए रखने और छोटी से छोटी सूचना को भी गंभीरता से लेने पर विशेष जोर दिया गया।

एसएसपी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय पुलिस को सतर्क रहने के साथ स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी भी रखनी चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।

महिला अपराधों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई जरूरी

अपराध गोष्ठी में महिला संबंधी अपराधों की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़ी शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि महिला अपराधों की विवेचना में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।

एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायत प्राप्त होने से लेकर उसके निस्तारण तक निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाए और पीड़ितों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

न्यायालयों में प्रभावी पैरवी और गवाहों की उपस्थिति पर जोर

बैठक के दौरान न्यायालयों में विचाराधीन आपराधिक मामलों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित तारीखों पर गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक समन्वय किया जाए।

उन्होंने अभियोजन पक्ष के साथ बेहतर तालमेल स्थापित कर मामलों की प्रभावी पैरवी करने पर जोर दिया। इसका उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखना और संबंधित प्रकरणों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाना है।

अधिकारियों को यह भी ध्यान रखने के निर्देश दिए गए कि गवाहों को अनावश्यक परेशानी न हो और न्यायालय से संबंधित जिम्मेदारियों का समय से निर्वहन किया जाए।

आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता जरूरी

जनशिकायतों के समाधान को लेकर एसएसपी ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता पूरी करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या को समझकर उसका समाधान किया जाए और निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा करने के साथ अधिकारियों को समयसीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस के प्रति आमजन का विश्वास बनाए रखने के लिए शिकायतों पर निष्पक्षता से कार्रवाई करना और संबंधित व्यक्ति को उचित समाधान उपलब्ध कराना जरूरी है।

यक्ष ऐप, ई-साक्ष्य और ई-समन के इस्तेमाल की समीक्षा

अपराध गोष्ठी में डिजिटल पुलिसिंग से संबंधित व्यवस्थाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। एसएसपी ने यक्ष ऐप, एसआईडी, ई-साक्ष्य और ई-समन के उपयोग की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को इन तकनीकी माध्यमों का नियमित और प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्थाओं का सही उपयोग विवेचना, साक्ष्य प्रबंधन और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े कार्यों को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायक हो सकता है। इसलिए अधिकारियों को इन प्रणालियों के उपयोग में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

वरिष्ठ अधिकारियों समेत सभी क्षेत्राधिकारी रहे मौजूद

रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित अपराध गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक, पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ और पुलिस अधीक्षक यातायात अतुल कुमार चौबे मौजूद रहे।

इसके अलावा जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, शाखा प्रभारी, निरीक्षक एलआईयू, प्रतिसार निरीक्षक और अन्य संबंधित पुलिस अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में पुलिस कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

अपराध नियंत्रण और जनशिकायतों का समाधान प्राथमिकता

अपराध गोष्ठी के समापन पर एसएसपी सूरज कुमार राय ने सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने और अपराध नियंत्रण के साथ जनशिकायतों के समाधान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण, गैंगस्टर एक्ट के मामलों में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई, साइबर अपराधों पर त्वरित प्रतिक्रिया, महिला संबंधी अपराधों में संवेदनशीलता और आगामी त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा कर लंबित मामलों में प्रगति सुनिश्चित करना, शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता सुधारना और जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करना रहा।

 

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