मुजफ्फरनगर में संविदा कर्मचारियों की हड़ताल पर CMO सख्त, शासन के आदेशों का पालन कर काम पर लौटने के निर्देश

मुजफ्फरनगर में संविदा कर्मचारियों की हड़ताल पर CMO सख्त, शासन के आदेशों का पालन कर काम पर लौटने के निर्देश

मुजफ्फरनगर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने जिला चिकित्सालय परिसर स्थित टीबी अस्पताल तथा पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पतालों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही हड़ताल पर चल रहे संविदा कर्मचारियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए उन्हें शासन के आदेशों का पालन करने और हड़ताल समाप्त कर अपने काम पर लौटने के निर्देश दिए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाएं अति आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में आती हैं। ऐसे में इनके संचालन में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। अस्पतालों में आने वाले मरीजों को समय पर उपचार और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए।

टीबी अस्पताल और एनआरसी की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने जिला चिकित्सालय परिसर स्थित टीबी अस्पताल और पोषण पुनर्वास केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं के संचालन में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए और स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से जारी रखी जाएं।

निरीक्षण के दौरान हड़ताल पर चल रहे संविदा कर्मचारियों का मामला भी प्रमुखता से सामने आया। सीएमओ ने कर्मचारियों को शासन के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने और अपनी ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करें।

हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने के निर्देश

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने संविदा कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे शासन के आदेशों का पालन करते हुए हड़ताल समाप्त करें और अपने कार्यस्थल पर लौटकर जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं आमजन की जरूरतों से सीधे जुड़ी हुई हैं। अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को किसी भी परिस्थिति में अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए।

सीएमओ ने संबंधित अधिकारियों को भी स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन पर नजर बनाए रखने और व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।

आदेशों की अनदेखी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी

डॉ. सुनील तेवतिया ने चेतावनी दी कि शासन के निर्देशों के बावजूद यदि कोई कर्मचारी हड़ताल जारी रखता है अथवा अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध शासन के आदेशों के अनुरूप कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से निर्देशों का गंभीरता से पालन करने को कहा। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं का निर्बाध संचालन विभाग की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की बाधा को गंभीरता से लिया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निरीक्षण और निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़ताल के बीच सेवाओं को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया गया है। विभाग का उद्देश्य मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना और अस्पतालों की व्यवस्थाओं को प्रभावित होने से बचाना है।

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