मुजफ्फरनगर में मिशन शक्ति 6.0 की पहल, छात्राओं को महिला सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव के गुर सिखाए

मुजफ्फरनगर में मिशन शक्ति 6.0 की पहल, छात्राओं को महिला सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव के गुर सिखाए

मुजफ्फरनगर। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा मिशन शक्ति अभियान-6.0 के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रमों का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में बुधवार को नगर क्षेत्र स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय एवं छात्रावास में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकारों, आत्मनिर्भरता, साइबर अपराधों से बचाव और आपात स्थिति में पुलिस की सहायता लेने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अपराध एवं मिशन शक्ति अभियान की नोडल अधिकारी इंदु सिद्धार्थ ने छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी परिस्थिति में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों की जानकारी देना भी बेहद जरूरी है, ताकि वे किसी भी विपरीत परिस्थिति का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बताया गया कि यदि उन्हें किसी प्रकार के उत्पीड़न, छेड़छाड़, धमकी अथवा अन्य परेशानी का सामना करना पड़े तो चुप रहने या घबराने के बजाय तत्काल पुलिस की सहायता लेनी चाहिए। पुलिस और शासन की ओर से महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराई जा रही सहायता सेवाओं का सही समय पर इस्तेमाल करके परेशानी से बचा जा सकता है।

महिला अधिकारों और सुरक्षा हेल्पलाइन की दी जानकारी

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने छात्राओं को शासन द्वारा संचालित विभिन्न महिला कल्याणकारी योजनाओं और महिला सुरक्षा हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को समझाया कि अपने अधिकारों की जानकारी होने से वे न केवल स्वयं को सुरक्षित रख सकती हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर दूसरी महिलाओं और बालिकाओं को भी जागरूक कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की परेशानी या आपात स्थिति में सहायता मांगने में संकोच नहीं करना चाहिए। परिवार के विश्वसनीय सदस्यों, विद्यालय के जिम्मेदार लोगों अथवा पुलिस को समय रहते जानकारी देना जरूरी है। छात्राओं को महिला सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों वाले पंपलेट भी वितरित किए गए, ताकि वे उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी रख सकें और जरूरत पड़ने पर उनका लाभ उठा सकें।

पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को भी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्हें बताया गया कि जागरूकता और सतर्कता के माध्यम से कई तरह की समस्याओं से बचा जा सकता है।

साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील

कार्यक्रम में बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर भी छात्राओं को विशेष रूप से जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना बेहद आवश्यक है। साइबर अपराधी लोगों को अलग-अलग तरीकों से अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी संदेश या ऑनलाइन प्रलोभन पर बिना जांचे भरोसा नहीं करना चाहिए।

छात्राओं को समझाया गया कि अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी और बैंकिंग से संबंधित गोपनीय विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारियां और तस्वीरें साझा करते समय भी सावधानी बरतें। किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए लिंक पर क्लिक करने या लालच देने वाले संदेशों के झांसे में आने से आर्थिक नुकसान हो सकता है।

पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है या उसे किसी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी मिलती है तो उसे मामले को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तत्काल संबंधित पुलिस अथवा साइबर अपराध हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। छात्राओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग रहने और किसी भी ऑनलाइन गतिविधि को लेकर संदेह होने पर विश्वसनीय व्यक्ति से सलाह लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।

नाटक के जरिए छात्राओं ने दिया जागरूकता का संदेश

कार्यक्रम को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए विद्यालय की छात्राओं ने साइबर अपराध और मिशन शक्ति से जुड़े विषयों पर नाटकीय प्रस्तुति दी। छात्राओं ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से महिला सुरक्षा, अधिकारों के प्रति जागरूकता और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव का संदेश दिया।

नाटक के जरिए यह समझाने का प्रयास किया गया कि थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी का कारण बन सकती है, जबकि सतर्कता और सही जानकारी के सहारे कई जोखिमों से बचा जा सकता है। छात्राओं की प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें सुरक्षा संबंधी उपायों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इस तरह की गतिविधियों का उद्देश्य छात्राओं को केवल जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक परिस्थितियों को समझने और उनसे निपटने के लिए तैयार करना भी है। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर सजग रहें और किसी भी अनुचित व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने से पीछे न हटें।

छात्राओं का उत्साहवर्धन कर बढ़ाया आत्मविश्वास

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं का उत्साहवर्धन करने के लिए उन्हें ज्योमेट्री बॉक्स वितरित किए गए। इसके साथ ही छात्राओं के लिए सूक्ष्म जलपान की व्यवस्था भी की गई। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को शिक्षा के प्रति गंभीर रहने और अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी।

अधिकारियों ने कहा कि शिक्षा बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके साथ ही उन्हें अपने अधिकारों, सुरक्षा के उपायों और उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी भी होनी चाहिए। जागरूक छात्राएं न केवल स्वयं सुरक्षित रहने के उपाय अपना सकती हैं, बल्कि अपने परिवार और समाज में भी जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

कार्यक्रम में थाना सिविल लाइन के प्रभारी निरीक्षक रघुराज सिंह सहित पुलिस के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को सुरक्षा से जुड़ी जानकारी साझा करने और किसी भी समस्या की स्थिति में उचित माध्यम से सहायता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया।

मिशन शक्ति अभियान के जरिए महिला सशक्तिकरण पर जोर

मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा मिशन शक्ति अभियान-6.0 के अंतर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं और महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा संबंधी उपायों, कानूनी सहायता तथा साइबर अपराधों से बचाव के बारे में जानकारी दी जा रही है।

पुलिस का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के साथ उन्हें विपरीत परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करना है। विद्यालयों और अन्य संस्थानों में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि वे अपनी समस्याओं को छिपाने के बजाय उचित माध्यम से सहायता प्राप्त करें।

मुजफ्फरनगर पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें, साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करें और किसी भी तरह की परेशानी होने पर बिना झिझक सहायता लें।

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