मुजफ्फरनगर। जनपद के पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव हरिनगर में रेत सप्लाई को लेकर विवाद का गंभीर मामला सामने आया है। बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान पर रेत उतरवाने के दौरान दो स्थानीय दुकानदारों पर कारोबारी के साथ गाली गलौज, मारपीट और जानलेवा हमला करने का आरोप लगा है। हमले में रेत सप्लाई का काम करने वाले कारोबारी के हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित की शिकायत पर पुरकाजी थाना पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के मुताबिक, विवाद उस समय शुरू हुआ जब कारोबारी गांव हरिनगर में एक दुकानदार के यहां रेत उतरवा रहा था। आरोप है कि इसी दौरान गांव में बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान चलाने वाले दो अन्य युवक वहां पहुंचे और रेत से भरी गाड़ी अपनी दुकान पर उतरवाने का दबाव बनाने लगे। बात नहीं मानने पर विवाद बढ़ गया और मामला कथित मारपीट तक पहुंच गया। घटना के बाद गांव में रेत सप्लाई के कारोबार को लेकर प्रतिस्पर्धा और विवाद की चर्चा है। हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

मनीष की दुकान पर रेत उतरवा रहा था कारोबारी
पुरकाजी कस्बे के मोहल्ला उत्तरी चमारान निवासी समद पुत्र प्रवेज ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह रेत सप्लाई का काम करता है। उसके अनुसार, 11 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब आठ बजे वह रेत से भरी गाड़ी लेकर गांव हरिनगर पहुंचा था। यह रेत गांव निवासी मनीष की बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान पर उतारी जा रही थी।
समद के मुताबिक, गाड़ी को पुरकाजी निवासी आजाद पुत्र इलियास चला रहा था। जब दुकान पर रेत उतारने का काम चल रहा था, तभी गांव हरिनगर निवासी रजत और आदित्य पुत्र रामकुमार वहां पहुंच गए। आरोप है कि दोनों ने समद से रेत अपनी दुकान पर उतरवाने के लिए कहा।
दूसरी दुकान पर रेत उतारने का दबाव बनाने का आरोप
पीड़ित की तहरीर के अनुसार, रजत और आदित्य भी गांव में बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान चलाते हैं। आरोप है कि दोनों ने समद से कहा कि वह रेत से भरी गाड़ी उनकी दुकान पर खाली करे। उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि गांव में किसी दूसरे व्यक्ति की रेत नहीं बिकने देंगे।
समद ने पुलिस को बताया कि उसने आरोपियों को समझाया कि रेत की सप्लाई मनीष के ऑर्डर पर की जा रही है और वह उसी की दुकान पर माल उतार रहा है। इस बात को लेकर दोनों आरोपी नाराज हो गए। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और विवाद ने गंभीर रूप ले लिया।
पीड़ित का आरोप है कि यदि वह दूसरे दुकानदार के ऑर्डर पर माल लेकर आया था, तो इसी बात को लेकर उस पर दबाव बनाया गया। पुलिस अब इस विवाद की वजह और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
फावड़े से हमला करने का आरोप, हाथ में आई चोटें
समद ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि कहासुनी के बाद रजत और आदित्य ने उसके साथ गाली गलौज शुरू कर दी। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से उस पर फावड़े से वार किए। हमले में उसके हाथ में गंभीर चोटें आईं।
पीड़ित के अनुसार, मौके पर मौजूद दुकानदार मनीष, गाड़ी चालक आजाद और अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया। आरोप है कि इन लोगों के हस्तक्षेप से मामला और गंभीर होने से बचा। समद ने यह भी आरोप लगाया कि हमला करने के बाद दोनों युवक उसे जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चले गए।
हालांकि, घटना के संबंध में सामने आए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले को दर्ज कर लिया है।
अगले दिन थाने पहुंचकर दी शिकायत
घटना के बाद समद ने 12 अक्टूबर को पुरकाजी थाने पहुंचकर पुलिस को अपनी शिकायत दी। उसने रजत और आदित्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तहरीर में रेत सप्लाई को लेकर विवाद, कथित मारपीट, फावड़े से हमला करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में आरोपों की जांच की जा रही है और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।
रेत कारोबार की प्रतिस्पर्धा को लेकर उठे सवाल
हरिनगर में सामने आए इस मामले के बाद गांव में बिल्डिंग मैटेरियल और रेत सप्लाई के कारोबार को लेकर विवाद की चर्चा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दूसरी दुकान पर रेत उतरवाने का दबाव बनाया गया और गांव में किसी अन्य की रेत नहीं बिकने देने की बात कही गई।
यदि जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो मामला केवल आपसी कहासुनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कारोबार को लेकर दबाव बनाने और हिंसा के पहलुओं की भी पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल पुलिस के सामने घटना की परिस्थितियों का पता लगाना और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर सच्चाई स्पष्ट करना प्रमुख है।
पुरकाजी थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना में लगाए गए आरोपों और विवाद की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

