हिन्दू पंचांग के मुताबिक भाद्रपद यानी भादो मास में गणेश चतुर्थी पड़ती है। यह हर वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। इस शुभ अवसर पर जगह-जगह पांडालों में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित कर दस दिनों तक उनकी विधि-विधान से पूजा की जाती है। इसके साथ ही बहुत से लोग अपने घरों में भी बप्पा की मनमोहक मूर्ति चुनकर लाते हैं और उनकी नियमपूर्वक पूजा करते हैं। लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान गणेश की मूर्ति घर लाते समय इन बातों का खास ख्याल रखेंगे तो जीवन में शुभता आती है…
जब भी भगवान गणेश की मूर्ति लेने जाएं तो इस बात का ध्यान रखें कि गणेश जी की सूंड आपके बाएं हाथ की तरफ होनी चाहिए। ज्योतिष अनुसार गणेश जी की ऐसी मूर्ति को वक्रतुंड कहा जाता है। ऐसी मूर्ति घर लाने से आपकी हर इच्छा शीघ्र पूरी होती है। वहीं मान्यता है कि दाएं हाथ की तरफ मूडी हुई सूंड वाली मूर्ति की पूजा से मनोकामना पूर्ति में थोड़ी देरी लगती है।

बैठे हुए गणेश जी ही लाएं
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार घर में स्थापना के लिए भगवान गणेश की बैठे हुए मूर्ति ही सबसे शुभदायी मानी गई है। मान्यता है कि ऐसी मूर्ति घर में रखने से बरकत बनी रहती है। साथ ही घर का धन भी स्थाई रहता है।

ऐसी मूर्ति कभी न लाएं
अगर आप अपने घर में गणेश चतुर्थी पर गणेश जी की प्रतिमा लाना चाहते हैं तो मिट्टी के गणपति बहुत शुभ होते हैं लेकिन ध्यान रखें कि कभी केमिकल वाली मूर्ति को ना लाएं। इसके अलावा आप घर में धातु से बनी मूर्ति को ला सकते हैं।
इस दिशा में रखें मूर्ति
जब घर में भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना करें तो इसे ब्रह्म स्थान अर्थात घर के केंद्र में स्थापित करना सर्वोत्तम माना गया है। वहीं ध्यान रखें कि गणेश जी की सूंड उत्तर दिशा की तरफ होनी चाहिए।
