मऊ। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत के बाद मऊ सदर सीट से विधायक अब्बास अंसारी ने शुक्रवार रात मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना जताई और सरकार से प्रत्येक परिवार को 25-25 लाख रुपये मुआवजा तथा एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। उन्होंने घायलों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी मांग की।

इस्लामाबाद मोहल्ले में हुई घटना का उल्लेख करते हुए पत्रकारों से बातचीत में अब्बास अंसारी ने कहा कि विद्युत सुरक्षा का मुद्दा केवल एक मोहल्ले तक सीमित नहीं है। मऊ नगर क्षेत्र और आसपास के इलाकों में कई स्थानों पर आबादी के बीच से हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं। उन्होंने कहा कि कई जगह तार कम ऊंचाई पर हैं और मकानों की छतों के बेहद करीब से गुजर रहे हैं। उनके अनुसार, जुलाई में हुई दिशा समिति की बैठक में भी उन्होंने इस समस्या को उठाया था।

विधायक ने कहा कि हादसे के बाद पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए, लेकिन सरकार को ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी उपाय भी करने होंगे। उन्होंने खुले ट्रांसफार्मरों के चारों ओर सुरक्षा जाल लगाने, खुले विद्युत तारों की केबलिंग कराने और जहां संभव हो, अंडरग्राउंड वायरिंग कराने की मांग की।
अंसारी ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से बातचीत और पत्राचार किया है। उन्होंने नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से भी प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा जताते हुए कहा कि राहत के साथ विद्युत हादसों के लिए जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
उन्होंने प्रदेशभर में आबादी वाले क्षेत्रों से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों और असुरक्षित विद्युत ढांचे का सर्वे कराकर उनकी सूची तैयार करने तथा इसके लिए अलग बजट निर्धारित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों की विद्युत सुरक्षा संबंधी समस्याएं उठानी चाहिए और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
अंसारी ने राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से हादसे को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय विद्युत सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए मिलकर काम करने की अपील की।

