कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में नेवादा स्थित शिवाजी इंटर कॉलेज में बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं के धरना-प्रदर्शन के मामले में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तत्काल संज्ञान लिया है। उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रकरण की जांच के लिए प्रांतीय शिक्षा सेवा के तीन अधिकारियों की समिति गठित की गई है। वहीं, मामले में सरायअकिल थाने में प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

उप मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एक अक्टूबर को उक्त कॉलेज में बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन की जानकारी उप मुख्यमंत्री को मिली थी। इसके बाद उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) और निदेशक माध्यमिक शिक्षा को मामले में त्वरित और विधिसम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए।

निर्देश के क्रम में डीआईओएस ने नेवादा क्षेत्र से संबंधित कार्मिकों की कार्यप्रणाली और पूरे प्रकरण की जांच के लिए प्रांतीय शिक्षा सेवा के तीन अधिकारियों की समिति गठित की है। समिति मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। इसके साथ ही पुलिस स्तर पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि छात्र-छात्राएं देश का भविष्य हैं और उनके भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में लापरवाही या दायित्वों के निर्वहन में चूक पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश के विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की नियमित निगरानी और निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही, विद्यालयों में सामने आने वाली कमियों का तत्काल संज्ञान लेकर उनके प्रभावी निराकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।

