मुजफ्फरनगर। युवाओं को नशीले पदार्थों, प्रतिबंधित दवाओं और अनधिकृत फूड सप्लीमेंट के संभावित दुष्प्रभावों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के जिम और फिटनेस सेंटरों की निगरानी बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया की पहल पर जनपदभर के जिम और फिटनेस सेंटरों में विशेष औचक जांच अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के साथ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा जिला क्रीड़ा विभाग की संयुक्त टीमें शामिल रहेंगी।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान का उद्देश्य उन अनधिकृत सप्लीमेंट, प्रतिबंधित स्टेरॉयड, नशीली दवाओं और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों की बिक्री अथवा वितरण पर निगरानी रखना है, जिनका इस्तेमाल युवाओं के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। विभाग को कुछ जिम सेंटरों पर ऐसे उत्पादों की बिक्री अथवा वितरण की शिकायतें मिलने की जानकारी सामने आई है। इसी के बाद संयुक्त रूप से जांच अभियान चलाने की तैयारी की गई है।

तीन विभागों की संयुक्त टीम करेगी जांच
सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देश पर अभियान के निगरानी और समन्वय की जिम्मेदारी जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. विक्रांत तेवतिया को सौंपी गई है। उनके समन्वय में जिला क्रीड़ा विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी जिम तथा फिटनेस सेंटरों का निरीक्षण करेंगे।
संयुक्त टीम जिम में इस्तेमाल और बिक्री के लिए रखे गए सप्लीमेंट, औषधीय उत्पादों तथा अन्य संबंधित सामग्री की जांच करेगी। उत्पादों के पैकेट, लेबल, उपलब्धता, वैधता और संबंधित दस्तावेजों की भी पड़ताल की जाएगी। जांच के दौरान किसी उत्पाद के संदिग्ध अथवा मानकों के विपरीत पाए जाने पर उसके नमूने लिए जा सकते हैं।
संदिग्ध उत्पादों के लिए जाएंगे नमूने
अभियान के दौरान जिम और फिटनेस सेंटरों में उपलब्ध सप्लीमेंट तथा अन्य औषधीय उत्पादों की गुणवत्ता और वैधता की जांच की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संदिग्ध उत्पादों के नमूने लेकर उन्हें नियमानुसार परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर संबंधित उत्पाद और उसके इस्तेमाल या बिक्री से जुड़े मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल जिम संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि युवाओं को भी ऐसे उत्पादों के संभावित नुकसान के प्रति जागरूक करना है, जिनका इस्तेमाल वे पर्याप्त जानकारी या विशेषज्ञ की सलाह के बिना कर सकते हैं।
लगातार होगी जिम सेंटरों की निगरानी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाया जाने वाला यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। अधिकारियों के अनुसार समय-समय पर जिम और फिटनेस सेंटरों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसे सेंटरों पर लगातार निगरानी बनाए रखना है, जहां अनधिकृत सप्लीमेंट, प्रतिबंधित दवाओं या अन्य संदिग्ध उत्पादों की बिक्री अथवा इस्तेमाल की आशंका हो।
औचक निरीक्षण के दौरान जिम संचालकों को अपने यहां उपलब्ध सप्लीमेंट और अन्य उत्पादों के संबंध में नियमानुसार व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए जाएंगे।
प्रतिबंधित दवा या नशीला पदार्थ मिला तो कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि किसी जिम या फिटनेस सेंटर पर अनधिकृत सप्लीमेंट, प्रतिबंधित औषधियां, प्रतिबंधित स्टेरॉयड या नशीले पदार्थ पाए जाते हैं तो संबंधित जिम संचालक और आपूर्तिकर्ता की भूमिका की जांच की जाएगी। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त टीम संदिग्ध अथवा बरामद उत्पादों की जांच कराएगी और परीक्षण या जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जल्द परिणाम के चक्कर में युवा न लें जोखिम
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं को फिटनेस के नाम पर अनधिकृत उत्पादों के इस्तेमाल से बचाना भी है। कम समय में शरीर बनाने या मांसपेशियां बढ़ाने के प्रयास में कुछ युवा विभिन्न सप्लीमेंट और दवाओं का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में बिना विशेषज्ञ सलाह या वैध स्रोत से प्राप्त उत्पादों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग जिम संचालकों के साथ युवाओं को भी जागरूक करने पर जोर देगा, ताकि वे किसी भी संदिग्ध या अनधिकृत उत्पाद का इस्तेमाल करने से बचें और सप्लीमेंट या अन्य उत्पाद लेने से पहले उनकी वैधता और उपयोगिता की जानकारी प्राप्त करें।
जिम संचालकों को भी रहना होगा सतर्क
अभियान के तहत जिम और फिटनेस सेंटर संचालकों को अपने यहां उपलब्ध उत्पादों को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी होगी। किसी प्रतिबंधित या अनधिकृत उत्पाद की बिक्री अथवा वितरण पाए जाने पर संचालक के साथ संबंधित आपूर्तिकर्ता की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार युवाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और जिम तथा फिटनेस सेंटरों में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों की निगरानी मजबूत करने के लिए औचक जांच आगे भी जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

