वाराणसी में सब्जियों के दाम ने बढ़ाई रसोई की चिंता, भिंडी-बीन्स ₹120 किलो; लौकी-कद्दू अभी राहत दे रहे

वाराणसी में सब्जियों के दाम ने बढ़ाई रसोई की चिंता, भिंडी-बीन्स ₹120 किलो; लौकी-कद्दू अभी राहत दे रहे

वाराणसी। अक्टूबर माह के पहले दिन वाराणसी में जहां सब्जी मंडियों में अवकाश रहा, तो वहीं सुबह के समय फुटकर सब्जी विक्रेताओं के यहां हरी सब्जियों के दाम आसमान छूते हुए दिखे। गुरुवार को सुबह के समय हरी सब्जियों में भिंडी और बीन्स 120 रूपये प्रति किलो, परवल और करेला 80 रूपये प्रति किलो बिकते हुए मिले।

शहर में चेतगंज, नाटी इमली जैसे क्षेत्रों में सब्जियां बेचने वाले विक्रेताओं ने बताया कि शरद ऋतु के आने के साथ ही सब्जियां अपने रेट से ऊपर के रेट में जाती है। आने वाले दिनों में और भी रेट बढ़ने की उम्मीद है। अभी पितृ पक्ष के कारण आलू और प्याज थोड़ा सस्ता है। बारिश के कारण बहुत मात्रा में हुई लौकी भी थोड़ी सस्ती है। लौकी का रेट आज 40 रूपये किलो है।

सब्जी विक्रेता गोलू ने कहा कि सब्जी बेच करके ही उनका भी पेट पलता है। वह मंडी से सब्जी लाकर ठेले पर लगाकर बेचते हैं। वाराणसी में सब्जियों का रेट बीते एक सप्ताह से बढ़ा हुआ है। बाजार में बाहर से आने वाला शिमला मिर्च और नींबू भी महंगा हुआ है।

चेतगंज में सब्जी विक्रेता संजय ने बताया कि हरी सब्जियों की मांग अधिक है और इस कारण से बाजार में उनका मूल्य बढ़ गया है। ज्यादातर लोग करेला और भिंडी खाना पसंद करते हैं। इस समय दोनों ही के रेट 80 से 120 रुपए तक पहुंच चुके हैं। मौजूदा समय में लौकी, कद्दू, नेनुआ जैसी सब्जियां फिलहाल सस्ती है। इनके रेट 40 से 50 रूपये प्रति किलो तक है।

शहर में होलसेल सब्जी मंडी में विक्रेता दिनेश ने कहा कि वाराणसी में हर महीने की पहली तारीख को होलसेल सब्जी मंडियां बंद रहती हैं। आज के दिन केवल हिसाब किताब होता है। रही बात सब्जियों के महंगे होने की तो उसका एक कारण आपूर्ति की कमी भी है। किसानों की ओर से सब्जी ज्यादा आ रही है, उसका रेट कम है। और जो सब्जी कम आ रही है, उसका रेट अधिक है।

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