मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के तत्वावधान में ग्राम पुरा में किसान जागरूकता सभा का आयोजन किया गया। सभा में किसानों को खेती-किसानी से जुड़े विभिन्न विषयों के प्रति जागरूक किया गया। वक्ताओं ने देसी बीज, प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए किसानों से खेती में रासायनिक निर्भरता कम करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का आयोजन मानु त्यागी पुत्र स्वर्गीय विनोद त्यागी ने किया। सभा की संयुक्त अध्यक्षता ईश्वर चंद त्यागी और राजेंद्र त्यागी ने की। मुख्य अतिथि भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक रहे। उनके साथ विजेंद्र बालियान भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन नारायण त्यागी ने किया।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर
सभा को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि किसानों को खेती के पारंपरिक तरीकों और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए कृषि से जुड़े अपने अधिकारों और समस्याओं के प्रति जागरूक रहना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि किसान हित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए किसानों का एकजुट रहना आवश्यक है। सामूहिक रूप से अपनी आवाज उठाने से कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को प्रभावी तरीके से सामने रखा जा सकता है।
धर्मेंद्र मलिक ने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करने और देसी बीज, प्राकृतिक संसाधनों तथा पारंपरिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेती को मजबूत और लाभकारी बनाने के लिए किसानों के बीच लगातार जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
कृषि से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा
किसान जागरूकता सभा के दौरान किसानों और ग्रामीणों ने कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। किसानों ने खेती की बढ़ती लागत, कृषि उपज और किसान हित से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने किसानों की समस्याओं पर सामूहिक रूप से विचार करने और उनके समाधान के लिए एकजुट होकर प्रयास करने पर जोर दिया।
सभा में किसान एकता को मजबूत करने और खेती से जुड़े विषयों पर आपसी सहयोग बढ़ाने की बात भी कही गई। वक्ताओं ने कहा कि किसानों के बीच जागरूकता और आपसी समन्वय से कृषि क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने में मदद मिल सकती है।
बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण रहे मौजूद
कार्यक्रम में विपिन त्यागी, संजीव त्यागी, उमेश त्यागी, पप्पू त्यागी, विदुर त्यागी, चिराग त्यागी, सानू त्यागी, बिजेंदर त्यागी, सुभाष त्यागी, बंटी त्यागी, नीरज त्यागी, राजेंद्र त्यागी, राजू त्यागी और रोहित त्यागी सहित बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
सभा का समापन किसान एकता को मजबूत करने तथा देसी एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ हुआ।

