मुजफ्फरनगर। पुरकाजी थाना क्षेत्र के हरेटी गांव के ग्राम प्रधान विवेक राठी के बेटे रोहन राठी की हत्या का पुलिस द्वारा खुलासा किए जाने के बाद भी मामला पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया है, लेकिन पीड़ित परिवार ने घटना की परिस्थितियों और जांच से जुड़े कुछ बिंदुओं पर सवाल उठाते हुए मामले की गहनता से पड़ताल की मांग की है।

इन्हीं सवालों और परिवार की आपत्तियों को लेकर शनिवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में जनप्रतिनिधियों, किसान नेताओं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के बीच लंबी वार्ता हुई। बैठक में पीड़ित परिवार की ओर से उठाए गए विभिन्न बिंदुओं को पुलिस अधिकारियों के सामने विस्तार से रखा गया। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि हत्या से पहले और बाद की पूरी कड़ी की जांच की जाए और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई हो।

वार्ता में पहुंचे जनप्रतिनिधि और किसान नेता
पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में हुई वार्ता में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, सांसद हरेंद्र मलिक, रालोद जिलाध्यक्ष संजय राठी, भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष नवीन राठी, सपा के राष्ट्रीय सचिव राकेश शर्मा और भाकियू अराजनीतिक के प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक समेत पीड़ित पक्ष से जुड़े लोग मौजूद रहे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा और पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन के समक्ष प्रतिनिधिमंडल ने परिवार की ओर से उठाए जा रहे सवाल और आपत्तियां रखीं। वार्ता के दौरान मामले के विभिन्न पहलुओं पर काफी देर तक चर्चा हुई।
परिजनों की बात को प्रमुखता से रखा
रालोद जिलाध्यक्ष संजय राठी और भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने पीड़ित परिवार की ओर से मामले से जुड़े विभिन्न बिंदुओं को पुलिस अधिकारियों के सामने प्रमुखता से रखा। परिवार की मांग थी कि पुलिस जांच को केवल अब तक सामने आए घटनाक्रम तक सीमित न रखे, बल्कि हत्या से पहले और बाद की पूरी कड़ी को खंगाला जाए।
परिजनों की ओर से उठाई गई आशंकाओं और सवालों पर पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा हुई। कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार और सांसद हरेंद्र मलिक ने भी पुलिस अधिकारियों से कहा कि परिवार द्वारा उठाए गए प्रत्येक बिंदु को गंभीरता से लिया जाए और जांच के दौरान किसी भी पहलू को नजरअंदाज न किया जाए।
दो आरोपियों की गिरफ्तारी का पुलिस ने किया दावा
रोहन राठी हत्याकांड में पुलिस ने नाजिम और शावेज नाम के दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हुए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर रोहन की बाइक, स्मार्टवॉच, मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल की गई कार और हथियार बरामद करने की बात कही है।
पुलिस द्वारा बताए गए घटनाक्रम के मुताबिक कार से रोहन को टक्कर लगने के बाद आरोपियों को अपनी पहचान उजागर होने का डर हुआ। पुलिस का दावा है कि इसके बाद अचेत अवस्था में पड़े रोहन का मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। जांच, पूछताछ और बरामद सामान के आधार पर पुलिस ने इस घटनाक्रम के सामने आने की बात कही है।
खुलासे के बाद भी परिजनों की शंकाएं बरकरार
पुलिस के खुलासे के बावजूद रोहन के परिजन पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। परिवार की ओर से मांग की जा रही है कि घटना की परिस्थितियों, आरोपियों की गतिविधियों और हत्याकांड से जुड़ी प्रत्येक कड़ी की दोबारा गहनता से जांच की जाए।
परिजनों का कहना है कि उनके मन में उठ रहे सवालों का संतोषजनक जवाब मिलना जरूरी है। इसी को लेकर शनिवार को जनप्रतिनिधियों और किसान नेताओं की मौजूदगी में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने परिवार की आपत्तियां रखी गईं।
पहले भी परिवार से मिले थे मंत्री अनिल कुमार
कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार इससे पहले हरेटी गांव पहुंचकर रोहन राठी के परिजनों से मुलाकात कर चुके हैं। उस दौरान भी परिवार ने उनके सामने घटना और पुलिस जांच से जुड़े सवाल रखे थे। मंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया था कि उनकी ओर से उठाए गए बिंदुओं को गंभीरता से लिया जाएगा और मामले की जांच कराई जाएगी।
इसके बाद शनिवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में हुई वार्ता में परिवार की ओर से उठाए गए सवालों पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा हुई। अलग-अलग राजनीतिक दलों और किसान संगठनों के पदाधिकारियों की मौजूदगी ने इस वार्ता को और महत्वपूर्ण बना दिया।
बर्थडे पार्टी में गया था रोहन, अगली सुबह मिला शव
रोहन राठी 23 सितंबर की शाम अपने दोस्त की जन्मदिन पार्टी में शामिल होने के लिए घर से निकला था। रात में जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन 24 सितंबर की सुबह हरेटी गांव के जंगल में उसका शव मिलने से सनसनी फैल गई।
सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी थी। हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं।
अब जांच की अगली दिशा पर टिकी निगाहें
पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा करने का दावा कर चुकी है, लेकिन पीड़ित परिवार की ओर से उठाए गए सवालों के बाद अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं। शनिवार की वार्ता में प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट रूप से मांग रखी कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए और घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की पड़ताल हो।
पुलिस अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल की बात सुनी और सामने आने वाले तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाने की बात कही। अब देखना यह है कि परिवार की ओर से उठाए गए सवालों की जांच में पुलिस को आगे क्या तथ्य मिलते हैं।
रोहन राठी हत्याकांड को लेकर हरेटी गांव से लेकर पुरकाजी क्षेत्र तक पहले से ही लोगों में चर्चा बनी हुई है। पुलिस के खुलासे के बाद परिजनों की आपत्तियों और शनिवार को जनप्रतिनिधियों तथा किसान संगठनों के पदाधिकारियों की वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ हुई वार्ता ने मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

