पुरकाजी का टिकट मांगना पड़ा भारी? 11 साल पुराने मामले में रोडवेज पर 15 हजार का हर्जाना, अभद्र व्यवहार की शिकायत पर आयोग का आदेश

पुरकाजी का टिकट मांगना पड़ा भारी? 11 साल पुराने मामले में रोडवेज पर 15 हजार का हर्जाना, अभद्र व्यवहार की शिकायत पर आयोग का आदेश

मुजफ्फरनगर। पुरकाजी जाने के लिए रोडवेज बस में सवार हुए यात्री और बस परिचालक के बीच टिकट को लेकर हुए विवाद के करीब 11 साल पुराने मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने आदेश पारित किया है। आयोग ने परिवादी अनमोल जैन और उनकी पत्नी प्रियंका जैन की शिकायत पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम और संबंधित बस परिचालक प्रदीप चौधरी के खिलाफ आदेश जारी करते हुए कुल 15 हजार रुपये का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। इसमें 10 हजार रुपये मानसिक क्षति और पांच हजार रुपये वाद व्यय के रूप में शामिल हैं। विपक्षीगण को आदेश की तिथि से दो माह के भीतर यह राशि अदा करनी होगी।

वर्ष 2015 में बस यात्रा के दौरान हुआ था विवाद

मामला 2 जून 2015 का है। अनमोल जैन और उनकी पत्नी प्रियंका जैन मुजफ्फरनगर बस स्टैंड से पुरकाजी जाने के लिए रोडवेज बस में सवार हुए थे। यात्रा के दौरान पुरकाजी का टिकट लेने को लेकर उनका बस परिचालक प्रदीप चौधरी से विवाद हो गया था।

परिवादी की ओर से दाखिल शिकायत में आरोप लगाया गया था कि परिचालक ने पुरकाजी का टिकट देने से इनकार कर दिया था। टिकट को लेकर दोनों के बीच कहासुनी होने लगी। शिकायत के अनुसार, परिचालक ने परिवादी के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें बस से नीचे उतारने की धमकी भी दी।

इस दौरान बस में मौजूद अन्य यात्रियों और चालक के सामने विवाद की स्थिति बन गई। परिवादी ने आरोप लगाया था कि टिकट देने के बजाय परिचालक उनके साथ लगातार दुर्व्यवहार करता रहा।

चालक और यात्रियों के हस्तक्षेप के बाद मिला टिकट

विवाद बढ़ने पर बस चालक और अन्य यात्रियों ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद अनमोल जैन को पुरकाजी का टिकट दिया गया। हालांकि, परिवादी का आरोप था कि टिकट मिलने के बाद भी परिचालक का व्यवहार नहीं बदला और पूरी यात्रा के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।

घटना के बाद परिवादी ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई और मामले में कार्रवाई की मांग की। शिकायत के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने उपभोक्ता आयोग का रुख किया।

आयोग ने दोनों पक्षों के साक्ष्यों और दलीलों को परखा

मामले की सुनवाई के दौरान जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने परिवादी की शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों का परीक्षण किया। आयोग ने मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद परिवादी की ओर से सेवा में कमी और अभद्र व्यवहार को लेकर की गई शिकायत को पूरी तरह निराधार नहीं माना।

आयोग ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए परिवादी को हुई मानसिक क्षति के लिए क्षतिपूर्ति दिए जाने का आदेश पारित किया।

मानसिक क्षति के लिए 10 हजार और वाद व्यय के पांच हजार रुपये

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सतीश कुमार और सदस्य मनीष कुमार ने संयुक्त रूप से आदेश सुनाया। आयोग ने अनमोल जैन और उनकी पत्नी प्रियंका जैन को कुल 15 हजार रुपये का भुगतान किए जाने के निर्देश दिए।

आदेश के अनुसार, इसमें 10 हजार रुपये मानसिक क्षति के लिए और पांच हजार रुपये वाद व्यय के रूप में दिए जाएंगे। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम और संबंधित परिचालक प्रदीप चौधरी को यह राशि आदेश की तिथि से दो माह के भीतर अदा करनी होगी।

करीब 11 साल पहले हुई बस यात्रा से जुड़े इस विवाद में उपभोक्ता आयोग के आदेश के बाद अब परिवादी को राहत मिली है।

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