मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप ने संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार की मिसाल पेश की। गाजियाबाद से मुजफ्फरनगर आते समय मंसूरपुर थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल दो व्यक्तियों को सड़क किनारे पड़ा देखकर उन्होंने अपना काफिला तत्काल रुकवा दिया। मंत्री खुद वाहन से उतरकर घायलों के पास पहुंचे और उनकी स्थिति का जायजा लेते हुए तत्काल उपचार की व्यवस्था कराई।

सड़क किनारे लहूलुहान पड़े थे घायल, मंत्री ने तुरंत रुकवाया काफिला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप मंगलवार को गाजियाबाद से एक निर्धारित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुजफ्फरनगर आ रहे थे। इसी दौरान मंसूरपुर थाना क्षेत्र से गुजरते वक्त उनकी नजर सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल दो व्यक्तियों पर पड़ी। दोनों हादसे में घायल होकर सड़क पर पड़े थे और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी।

स्थिति को देखते हुए नरेंद्र कश्यप ने बिना देर किए अपने काफिले को रुकवाया। वह स्वयं गाड़ी से उतरकर घायलों के पास पहुंचे और मौके पर मौजूद लोगों से घटना की जानकारी ली। मंत्री के अचानक काफिला रुकवाकर घायलों की मदद के लिए आगे आने से मौके पर मौजूद लोगों का भी ध्यान उनकी ओर गया।
एसएसपी को फोन कर मांगी तत्काल एम्बुलेंस
घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्यमंत्री ने तत्काल मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को फोन कर हादसे की जानकारी दी और मेडिकल एम्बुलेंस की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। कुछ ही देर में एम्बुलेंस मौके पर पहुंची।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अपने सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को सावधानीपूर्वक स्ट्रेचर पर रखवाया और उन्हें एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने में किसी तरह की देरी न हो।
बोले—मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं
घायलों की मदद के दौरान नरेंद्र कश्यप ने लोगों से आपात स्थिति में पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि मानवता से बड़ा दुनिया में कोई धर्म नहीं है। सड़क पर किसी व्यक्ति को दुर्घटना या किसी अन्य मुसीबत में देखकर उसकी मदद करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक और मानवीय दायित्व है।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना अथवा किसी भी आपात स्थिति में हमें संवेदनशीलता का परिचय देते हुए पीड़ित की तत्काल मदद करनी चाहिए। किसी व्यक्ति की जिंदगी बचाने के लिए उठाया गया छोटा सा कदम भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
अस्पताल में बेहतर उपचार के दिए निर्देश
राज्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों और अस्पताल प्रशासन से घायलों के उपचार की जानकारी लेते हुए उनके बेहतर इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घायलों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
नरेंद्र कश्यप ने दोनों घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। हादसे के बाद मंत्री द्वारा अपना काफिला रोककर घायलों की मदद किए जाने की स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने सराहना की। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि हादसे के समय तत्काल मदद मिलने से घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका।

