मुजफ्फरनगर में एंबुलेंस बनी ‘चलता-फिरता अस्पताल’, सड़क किनारे गूंजी नवजात की किलकारी; जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ

मुजफ्फरनगर में एंबुलेंस बनी ‘चलता-फिरता अस्पताल’, सड़क किनारे गूंजी नवजात की किलकारी; जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ

मुजफ्फरनगर। जनपद के बघरा क्षेत्र में गुरुवार शाम 102 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों की तत्परता और सूझबूझ से एक गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। अस्पताल ले जाते समय महिला की प्रसव पीड़ा अचानक बढ़ गई। स्थिति को गंभीर देखते हुए एंबुलेंस को सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर रोककर ईएमटी ने इमरजेंसी डिलीवरी किट की मदद से प्रसव कराया। प्रसव के बाद नवजात की किलकारी से एंबुलेंस में मौजूद परिजनों की चिंता खुशी में बदल गई। बाद में जच्चा और नवजात को प्राथमिक उपचार देकर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को स्वस्थ बताया।

अचानक शुरू हुई तेज प्रसव पीड़ा

जानकारी के अनुसार नूनाखेड़ा निवासी 26 वर्षीय राधा पत्नी अंकित को गुरुवार शाम अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। महिला की हालत को देखते हुए परिजनों ने तत्काल 102 एंबुलेंस सेवा पर फोन कर मदद मांगी।

सूचना मिलते ही ईएमटी कुलदीप कुमार और पायलट धीरज कुमार एंबुलेंस लेकर गांव पहुंचे। दोनों ने बिना समय गंवाए गर्भवती महिला को एंबुलेंस में बैठाया और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के लिए रवाना हो गए।

रास्ते में बढ़ गई प्रसव पीड़ा

अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में महिला की प्रसव पीड़ा काफी बढ़ गई। स्थिति को देखते हुए ईएमटी कुलदीप कुमार ने महसूस किया कि अस्पताल तक पहुंचने में लगने वाला समय जच्चा और बच्चा दोनों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है।

आपात स्थिति को देखते हुए पायलट धीरज कुमार ने एंबुलेंस को सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर रोक दिया। इसके बाद एंबुलेंस में उपलब्ध इमरजेंसी डिलीवरी किट का इस्तेमाल करते हुए ईएमटी कुलदीप कुमार ने प्रसव की प्रक्रिया शुरू कराई।

एंबुलेंस में गूंजी बच्चे की किलकारी

ईएमटी की तत्परता और सूझबूझ से महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। कुछ ही देर बाद एंबुलेंस में नवजात की किलकारी गूंज उठी। बच्चे के जन्म के बाद महिला के परिजनों ने राहत की सांस ली।

ईएमटी कुलदीप कुमार ने बताया कि उस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता मां और बच्चे की सुरक्षा थी। अस्पताल पहुंचने में देरी से खतरा बढ़ सकता था, इसलिए परिस्थितियों को देखते हुए मौके पर ही प्रसव कराने का निर्णय लिया गया।

जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ

प्रसव के बाद महिला और नवजात को प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद दोनों को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं और उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है।

महिला के परिजनों ने एंबुलेंस कर्मचारियों का आभार जताया। उनका कहना था कि यदि समय रहते एंबुलेंस कर्मियों ने सूझबूझ और साहस के साथ निर्णय नहीं लिया होता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

ग्रामीण परिवार के लिए आपात स्थिति में समय पर पहुंची 102 एंबुलेंस और उसके कर्मचारियों की तत्परता की स्थानीय स्तर पर भी सराहना की जा रही है।

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