मुजफ्फरनगर। नगर कोतवाली क्षेत्र के पिनना तिराहा बाईपास के पास मंगलवार सुबह गांव किनौनी निवासी सुभाष सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक के बेटे सागर ने कोतवाली नगर में दी गई तहरीर में गांव की युवती के साथ उसके भाई आकाश के प्रेम संबंध और दोनों के अपनी इच्छा से घर से चले जाने को लेकर चल रहे विवाद को हत्या की वजह बताया है।

सागर ने आरोप लगाया है कि तीन मोटरसाइकिलों पर सवार पांच लोगों ने उसके पिता को रास्ते में घेर लिया। आरोप के मुताबिक दो लोगों ने सुभाष सिंह के दोनों हाथ पकड़ लिए, जबकि एक आरोपी ने तमंचे से उनकी छाती में गोली मार दी। सागर ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद हमलावरों ने उस पर और उसके साथियों पर भी जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। कोतवाली नगर पुलिस ने तहरीर के आधार पर पांच लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है।

आकाश और कशिश के प्रेम संबंध को लेकर चल रहा था विवाद
मृतक के बेटे सागर की तहरीर के अनुसार उसका भाई आकाश और गांव की ही युवती कशिश एक दूसरे से प्रेम करते हैं। दोनों बालिग बताए गए हैं। आरोप है कि 17 अगस्त को आकाश और कशिश अपनी इच्छा से शादी करने के लिए गांव से चले गए थे। दोनों के घर से जाने के बाद इस मामले में थाना शाहपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
तहरीर के मुताबिक सात सितंबर को पुलिस ने आकाश और कशिश को बरामद किया था। इसके बाद आकाश को जेल भेज दिया गया। वहीं कशिश के पुलिस और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान कराए गए। सागर का दावा है कि इन बयानों में कशिश ने आकाश से प्रेम करने और अपनी इच्छा से घर से जाने की बात कही थी।
तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि कशिश को अपने परिवार से जान का खतरा था। इसी के चलते उसे नारी निकेतन सहारनपुर भेजा गया, जहां वह वर्तमान में रह रही है।
पंचायत में विवाद के बाद धमकी देने का आरोप
सागर ने तहरीर में 13 सितंबर को गांव में हुई बिरादरी की पंचायत का भी उल्लेख किया है। उसके अनुसार आकाश और कशिश के मामले को लेकर पंचायत आयोजित की गई थी, जिसमें भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत भी मौजूद थे।
तहरीर के मुताबिक सागर और उसके पिता सुभाष सिंह ने पंचायत का समर्थन किया था। आरोप है कि पंचायत के दौरान कशिश का भाई शुभम उर्फ हरिओम, पिता सतेन्द्र और परिवार के अन्य लोग मामले को लेकर नाराज थे। सागर का आरोप है कि इसी दौरान उसके पिता सुभाष सिंह, भाई आकाश और उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी।
पंचायत के दो दिन बाद ही सुभाष सिंह की हत्या होने के कारण परिवार ने दोनों घटनाओं को आपस में जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि पंचायत में क्या बातचीत हुई और उसका हत्या की वारदात से कोई सीधा संबंध था या नहीं, यह पुलिस जांच का विषय है।
नौकरी के लिए साइकिल से निकले थे सुभाष सिंह
तहरीर के अनुसार 15 सितंबर की सुबह करीब दस बजे सुभाष सिंह गांव किनौनी से साइकिल पर शामली रोड स्थित अवधेश लाला की फैक्ट्री में नौकरी करने के लिए निकले थे। वह पिनना तिराहा बाईपास से मुजफ्फरनगर की ओर जा रहे थे।
सागर का आरोप है कि कुछ दूरी आगे पहुंचते ही पीछे से तीन मोटरसाइकिलों पर सवार पांच लोगों ने उनके पिता को घेर लिया। हमलावरों को देखकर सुभाष सिंह ने साइकिल गिरा दी और मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
दोनों हाथ पकड़कर छाती में गोली मारने का आरोप
सागर की तहरीर के मुताबिक विमल उर्फ कुक्की और शुभम उर्फ छोटन ने सुभाष सिंह के दोनों हाथ पकड़ लिए। इसके बाद उधल के कहने पर शुभम उर्फ हरिओम ने तमंचे से सुभाष सिंह की छाती में गोली मार दी।
गोली लगने के बाद सुभाष सिंह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़े। इसी दौरान सागर ने अपने पिता को हमलावरों से घिरा देखा और शोर मचाया।
बेटे और उसके साथियों पर भी फायरिंग का आरोप
सागर के अनुसार वह अपने साथी उज्ज्वल पुत्र मदनपाल निवासी किनौनी के साथ मोटरसाइकिल से मुजफ्फरनगर से गांव की ओर आ रहा था। रास्ते में उसने अपने पिता को हमलावरों से घिरा देखा।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि सागर के शोर मचाने पर उधल ने उसे और उसके साथियों को भी जान से मारने के लिए कहा। इसके बाद शुभम उर्फ हरिओम ने सागर और उसके साथियों पर भी फायरिंग की। सागर का कहना है कि वह और उसके साथी बाल बाल बच गए। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने मृत घोषित किया
गोली लगने के बाद सागर और आसपास मौजूद लोगों की मदद से सुभाष सिंह को जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी।
पांच लोगों को किया गया नामजद
सागर की तहरीर के आधार पर कोतवाली नगर पुलिस ने पांच लोगों को नामजद किया है। इनमें शुभम उर्फ हरिओम पुत्र सतेन्द्र, विमल उर्फ कुक्की और बंटी पुत्रगण उधल, शुभम उर्फ छोटन पुत्र सुरेश तथा उधल पुत्र महावीर निवासी ग्राम किनौनी थाना शाहपुर शामिल हैं।
तहरीर में सभी आरोपियों पर सुभाष सिंह को घेरने और हत्या की वारदात में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा सागर और उसके साथियों पर भी फायरिंग किए जाने का आरोप लगाया गया है।
शाहपुर पुलिस पर भी लगाए आरोप
मृतक के बेटे सागर ने पूरे मामले में शाहपुर पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि प्रेम संबंध को लेकर परिवार को पहले से धमकियां मिल रही थीं और उन्हें खतरे की आशंका थी। इसके बावजूद पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिली।
हालांकि पुलिस की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इन आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
एसएसपी से परिवार की सुरक्षा की मांग
पिता की हत्या के बाद सागर ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से अपने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। उसने स्वयं, अपने भाई आकाश और परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
सागर का कहना है कि हत्या के बाद परिवार में भय का माहौल है और नामजद आरोपियों से खतरा बना हुआ है।
आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
सागर ने पुलिस और प्रशासन से नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उसने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग भी उठाई है। उसका कहना है कि आरोपियों ने पहले उसके पिता की हत्या की और इसके बाद उसे तथा उसके साथियों को भी निशाना बनाकर फायरिंग की।
पुलिस जांच में सामने आएगी हत्या की पूरी वजह
मामले में पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच करना चुनौती है। पुलिस यह पता लगाने में जुटेगी कि हत्या से पहले कथित धमकियां कब और कहां दी गई थीं, 13 सितंबर की पंचायत में क्या हुआ था और पंचायत में मौजूद लोगों ने क्या देखा था।
इसके अलावा पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर वारदात के घटनाक्रम की पुष्टि कर सकती है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ कर घटना में प्रयुक्त हथियार और वाहनों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जाएगी।
एसएसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। नगर कोतवाली प्रभारी बृजेश शर्मा भी पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे।
एसएसपी ने पुलिस टीमों को घटना के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच करने और आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस अब नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास के साथ ही हत्या के पीछे की पूरी वजह और वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

