दिशा सालियान मौत मामले में CBI ने दर्ज की FIR, पिता के बयान के बाद जांच तेज; कई लोगों की भूमिका जांच के घेरे में

दिशा सालियान मौत मामले में CBI ने दर्ज की FIR, पिता के बयान के बाद जांच तेज; कई लोगों की भूमिका जांच के घेरे में

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद की गई है। दिशा की मौत जून 2020 में मुंबई में हुई थी और उनकी मौत के कुछ ही दिनों बाद सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई थी। दोनों मामलों के समय को लेकर लंबे समय से कई तरह के सवाल और चर्चाएं होती रहीं।

एफआईआर दर्ज होने से दो दिन पहले दिशा के पिता सतीश सालियान ने सीबीआई के सामने अपना बयान दर्ज कराया था। अपने बयान में उन्होंने कई लोगों के नाम लिए और आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत से जुड़े मामले में कथित साजिश और उसके बाद मामले को दबाने की कोशिश की गई।

सतीश सालियान ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उनके बेटे और शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे समेत कई अन्य लोगों की भूमिका की जांच की मांग की है। सतीश सालियान के बयान के मुताबिक, मामले में कई लोगों की भूमिका की गहराई से जांच किए जाने की जरूरत है। उन्होंने आपराधिक साजिश, दिशा की मौत को आत्महत्या बताने वाली गलत कहानी तैयार करने और उसे फैलाने के साथ-साथ सबूतों को दबाने, नष्ट करने या उनमें कथित छेड़छाड़ किए जाने जैसे आरोपों की जांच की मांग की है। बयान में जिन लोगों के नाम का जिक्र किया गया है, उनमें आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड्स, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वाजे, परमबीर सिंह, डीसीपी विशाल ठाकुर, उद्धव ठाकरे और अनिल देशमुख समेत कई पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

इसके अलावा, मालवणी पुलिस स्टेशन से जुड़े अधिकारियों, दिशा के पोस्टमार्टम में कथित देरी से जुड़े डॉक्टरों और स्टाफ, कलिना स्थित फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी के कर्मचारियों, रीजेंट गैलेक्सी बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड्स और कई अन्य लोगों का भी बयान में जिक्र किया गया है। सीबीआई ने इससे पहले दिशा सालियान की मौत से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए मालवणी पुलिस को पत्र लिखा था। एजेंसी ने ये रिकॉर्ड अपनी जांच को आगे बढ़ाने के लिए मांगे थे।

अब बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले में नए सिरे से जांच के लिए सीबीआई को निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा था कि जांच की निगरानी के लिए सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त किया जाए।

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