मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के गोंडा जनपद में विनोद साहनी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रविवार को जिला अध्यक्ष दिनेश बावरा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने गोंडा में मृतक के परिवार को न्याय दिलाने, आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता व सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग उठाई। साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी में रोके जाने के घटनाक्रम पर भी नाराजगी जताते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

पीड़ित परिवार से मिलने गोंडा जा रहे थे चंद्रशेखर आजाद
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष दिनेश बावरा ने कहा कि विनोद साहनी की हत्या के बाद पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आजाद समाज पार्टी लगातार आवाज उठा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए गोंडा जाने का निर्णय लिया था।

पार्टी नेताओं का आरोप है कि गोंडा जाते समय चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी में रोक दिया गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक निर्वाचित सांसद को पीड़ित परिवार से मिलने से रोका जाना उचित नहीं है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की।
हत्या की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विनोद साहनी हत्याकांड की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि घटना में शामिल आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
जिलाध्यक्ष दिनेश बावरा ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पीड़ित परिवार को दबंगों अथवा किसी अन्य पक्ष से खतरा है तो प्रशासन को तत्काल पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए।
मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मृतक विनोद साहनी के परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग भी उठाई। पार्टी नेताओं का कहना था कि परिवार के सामने आर्थिक संकट पैदा हो सकता है, इसलिए सरकार को पीड़ित परिवार की स्थिति को देखते हुए उचित मुआवजा उपलब्ध कराना चाहिए।
इसके साथ ही परिवार के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले की जांच को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने की मांग की गई।
बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद को रोके जाने पर जताई नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी में रोके जाने का भी विरोध किया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि उनके साथ अनुचित और प्रोटोकॉल के विपरीत व्यवहार किया गया।
कार्यकर्ताओं ने मांग की कि चंद्रशेखर आजाद को रोके जाने के पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी की लापरवाही अथवा नियम विरुद्ध कार्रवाई सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।
जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की रक्षा की मांग
आजाद समाज पार्टी की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। पार्टी नेताओं ने कहा कि किसी सांसद या अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ कानून और संवैधानिक मर्यादाओं के विपरीत व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में पीड़ित परिवार और मामले को लेकर आवाज उठाने वाले लोगों के कथित उत्पीड़न पर रोक लगाने तथा पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय निगरानी में जांच कराने की मांग भी की गई। कार्यकर्ताओं ने जांच प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने पर जोर दिया।
कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि विनोद साहनी हत्याकांड में जल्द से जल्द प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान पार्टी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आजाद समाज पार्टी ने मांग की कि विनोद साहनी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कराकर पीड़ित परिवार को न्याय, आर्थिक सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। वहीं, चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी में रोके जाने के मामले में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पुलिस और प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

