मुजफ्फरनगर। वर्ष 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे की याद दिलाने वाले होर्डिंग और पोस्टरों को लेकर जिले की सियासत में हलचल तेज हो गई है। जनपद समेत प्रदेश के कई जिलों में ऐसे पोस्टर और होर्डिंग लगाए जाने के दावों के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश सचिव हाजी दीन मोहम्मद ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इन्हें सामाजिक सौहार्द के लिए नुकसानदायक बताते हुए जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

हाजी दीन मोहम्मद ने कहा कि वर्ष 2013 में मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा जिले के इतिहास का बेहद दुखद अध्याय रही है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति किसी भी कीमत पर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में मुजफ्फरनगर में हिंदू और मुस्लिम समाज के बीच आपसी भाईचारा और सौहार्द कायम है। ऐसे में पुराने विवाद और दंगे की याद दिलाने वाले पोस्टर व होर्डिंग लगाए जाने से सामाजिक माहौल प्रभावित होने की आशंका है।

‘पुराने जख्म कुरेदने से किसी का भला नहीं’
एआईएमआईएम नेता ने कहा कि पुराने जख्मों को कुरेदने से किसी का भला नहीं होगा। इस तरह की गतिविधियां समाज में अविश्वास और नफरत को बढ़ावा दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच शांति और भाईचारा बनाए रखना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
हाजी दीन मोहम्मद ने प्रशासन से अपील की कि मामले को गंभीरता से लिया जाए और यह पता लगाया जाए कि विवादित पोस्टर और होर्डिंग किसने और किस उद्देश्य से लगाए हैं। यदि जांच में किसी तरह का कानून उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति या संगठन को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए लोकतांत्रिक और कानूनी रास्ता अपनाया जाना चाहिए। ऐसी कोई गतिविधि नहीं होनी चाहिए, जिससे समाज के बीच तनाव या टकराव की स्थिति पैदा हो।
2013 के माहौल और वर्तमान स्थिति में अंतर का दावा
हाजी दीन मोहम्मद ने कहा कि वर्ष 2013 के दौरान जिले में जो परिस्थितियां थीं, वर्तमान समय में वैसा माहौल नहीं है। उनके अनुसार, आज समाज के विभिन्न वर्गों के लोग आपसी मेलजोल और भाईचारे के साथ रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2013 की घटना को इतिहास से मिटाया नहीं जा सकता, लेकिन उसके नाम पर वर्तमान पीढ़ी के बीच नफरत या तनाव पैदा करना उचित नहीं है।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि ऐसी किसी भी गतिविधि पर समय रहते रोक लगाई जाए, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। उनका कहना है कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सभी समुदायों के बीच विश्वास और सुरक्षा का वातावरण बना रहे।
तत्कालीन सरकार पर भी साधा निशाना
एआईएमआईएम नेता ने वर्ष 2013 की हिंसा का जिक्र करते हुए उस समय की तत्कालीन सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उस दौर में सत्ता में रही सरकार को उस समय की परिस्थितियों और घटनाक्रम की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
हालांकि, उन्होंने साथ ही कहा कि पुराने राजनीतिक विवादों को वर्तमान समय में सामाजिक तनाव का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक आज जरूरत लोगों को बांटने की नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विश्वास और भाईचारे को मजबूत करने की है।
होर्डिंग लगाने वालों की पहचान की मांग
हाजी दीन मोहम्मद ने जिला प्रशासन से मांग की कि जनपद में लगाए गए ऐसे होर्डिंग और पोस्टरों की जांच कराई जाए। साथ ही इनके पीछे कौन लोग या संगठन हैं, इसकी पहचान की जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में नियमों या कानून का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर की पहचान शांति, आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द से होनी चाहिए। ऐसे में किसी भी पक्ष की ओर से माहौल बिगाड़ने की कोशिश को समय रहते रोकना जरूरी है। अब प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं कि इन विवादित होर्डिंग और पोस्टरों के पीछे कौन है और इनके संबंध में क्या कदम उठाया जाता है।

